गोरखपुर, जेएनएन। साइबर अपराधियों ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है। रोजाना औसतन चार लोग किसी न किसी थाना क्षेत्र में ठगी के शिकार हो रहे हैं। आन लाइन फ्राड करने वाले अपराधी अपनी बातों से झांसे में लेकर लोगों की गाढ़ी कमाई उनके खाते से उड़ा रहे हैं। जिस रफ्तार से घटनाएं हो रही हैं, उसकी तुलना में साइबर अपराधी हत्थे नहीं चढ़ रहे।

हाईटेक तरीके अपना रहे साइबर अपराधी

साइबर अपराधी हाईटेक तरीके से बैंक खातों से रुपये उड़ा रहे हैं। सेना अधिकारी बन कर ओएलएक्स के माध्यम से अपराध की घटना में काफी बढ़ोत्‍तरी हुई है। सेना अधिकारी का नाम सुनकर लोग आसानी से जाल में फंस जाते हैं। इसके अलावा पुरस्कार जीतने के नाम पर एसएमएस भेज लोगों से बैंक खाता नंबर और एटीएम पासवर्ड पूछ लेते हैं। इसके अलावा फर्जी चेक बना कर भी पैसे उड़ाए जा रहे हैं। ठगी की सूचना तब मिलती है जब बैंक एसएमएस भेज कर बताता है कि खाते से पैसे की निकासी हो चुकी है।

इस तरह बच सकते हैं साइबर अपराध से

बैंक अधिकारी कभी भी फोन कर डिटेल नहीं मांगते। इसलिए फोन पर कोई भी जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी ऐसे लिंक को क्लिक न करें जो भरोसे के लायक न हो। एटीएम में कार्ड उपयोग करने से पहले कार्ड डालने वाली जगह जांच कर लें। कहीं कोई उपकरण तो नहीं लगा है। गूगल में किसी वेबसाइट के कस्टमर केयर का नंबर सर्च करने से बचें। कंपनी की अधिकृत वेबसाइट से ही नंबर खोजें। सेकेंड हैंड सामान खरीदने से पहले सामान की सत्यता की जांच कर लें। हो सके तो सामान नकद ही खरीदें। लॉटरी और पुरस्कार के चक्कर में न आएं। यह जरूर सोचें कि मुफ्त में कोई आपको कुछ क्यों देगा।

हाल के दिनों में हुई महत्वपूर्ण घटनाएं 

- 22 सितंबर : सिविल लाइंस में रहने वाले सूरज निषाद के खाते से 98720 रुपये निकाले।

- 21 सितंबर : शाहपुर की रहने वाली महिला आशा शर्मा को झांसा देकर खाते से 10 हजार रुपये निकाल लिए।

16 सितंबर : हजारीपुर के रहने वाले सुरेश जायसवाल के खाते से 15 हजार रुपये निकाले।

- 17 जुलाई : आरपीएफ आइजी की बेटी को झांसा देकर खाते में पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर लिया।

- सात जुलाई : ओएलएक्स पर आईफोन बेचने का झांसा देकर युवक से खाते में 23 हजार रुपये जमा करा लिए।

हर माह बढ़ रहे अपराध चिंताजनक

इस संबंध में सीओ क्राइम प्रवीण सिंह का कहना है कि साइबर अपराध रोकने के लिए रणनीति बनाई गई है। आम जनमानस को जागरूक किया जा रहा है। हर माह बढ़ रहे मामले चिंताजनक है।

Posted By: Satish Shukla

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