गोरखपुर, जेएनएन। शिक्षक संगठनों के विरोध के बीच मंगलवार से जनपद के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन शुरु हो गया। जेडी व डीआईओएस ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया तथा शिक्षकों से फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाकर कॉपियों का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।

डेढ़ घंटे देर से शुरू हुआ मूल्‍यांकन

वैसे तो कॉपियों का मूल्यांकन सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला था, लेकिन शिक्षक नेताओं द्वारा एमपी इंटर कॉलेज व अन्य केंद्रों पर विरोध करने के कारण मूल्यांकन 11.30 बजे के बाद शुरू हो सका। इंटर कॉलेज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.दिग्विजय नाथ पांडेय व जिला मंत्री श्याम नारायण सिंह ने केंद्रों पर अव्यवस्था का हवाला देते हुए मूल्यांकन कार्य का विरोध करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन सभी शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए बुला लिया गया है। जबकि केंद्र पर न तो सैनिटाइजर की अवस्था है और न ही पेयजल व मास्क ही उपलब्ध कराया गया है। यहां तक कि फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया जा रहा है। सरकार इस तरह से मूल्यांकन कराकर शिक्षकों के जान के साथ खिलवाड़ कर रही है।

सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज केंद्र का जेडी ने किया निरीक्षण

सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर जेडी योगेंद्र नाथ सिंह ने दौरा कर उप नियंत्रक से कक्षों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षक फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाकर कॉपियों का मूल्यांकन कर सके। उन्होंने जल्द से जल्द कापियों का  मूल्यांकन पूर्ण करने को कहा।

परीक्षकों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग

कोरोना को देखते हुए सभी मूल्यांकन केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। पहले दिन मुख्य द्वार पर मूल्यांकन के लिए आने वाले परीक्षकों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई, फिर उन्हें कक्ष में प्रवेश दिया गया। उप नियंत्रको ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि बिना थर्मल स्क्रीनिंग के कोई भी परीक्षक कॉपियों का मूल्यांकन नहीं करेगा।

Posted By: Satish Shukla

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