गोरखपुर, जागरण संवाददाता : बस्‍ती जिले की सोनहा पुलिस, एंटी नारकोटिक्स टीम और कार सवार चार जालसाजों के बीच शनिवार भोर में भानपुर-रुधौली मार्ग पर खैरा पुलिया के पास मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दो जालसाजों के पैर में गोली लग गई। वहीं जालसाजों की ओर से की गई फायरिंग में सोनहा थाने के दो सिपाहियों के हाथ को खरोंचते हुए गोली निकल गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने अस्पताल में पहुंचकर जालसाजों से पूछताछ की।

गश्‍त पर थे प्रभारी निरीक्षक और एंटी नारकोटिक्‍स टीम के प्रभारी

सोनहा थाने के प्रभारी निरीक्षक रामकृष्ण मिश्र और एंटी नारकोटिक्स टीम के प्रभारी योगेश सिंह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी बीच सूचना मिली कि रुधौली थाने पर दर्ज धोखाधड़ी व रुपये उड़ाने के मामले में वांछित जालसाज उग्रसेन चौरसिया निवासी ग्राम उनवल थाना खजनी जनपद गोरखपुर, सुरजीत बिंद निवासी ग्राम बैदोली बाबू थाना बांसगांव, अजय दूबे उर्फ छोटू निवासी रघुवाडीह थाना बांसगांव व रंजीत यादव निवासी बोगा थाना खजनी एक कार से रुधौली से भानपुर की तरफ आ रहे हैं। पुलिस टीम खैरा पुलिया के पास उनका इंतजार करने लगी। इसी बीच उनकी कार आती दिखाई पड़ी। पुलिस को देखते ही कार सवार घबरा गए और उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिट्टी में जाकर फंस गई।

आत्‍मसमर्पण करने की बात पर करने लगे फायरिंग

पुलिस टीम ने जालसाजों को आत्मसमर्पण करने को कहा, मगर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। उनकी ओर से चलाई गई गोली सोनहा थाने के सिपाही विवेक यादव के बाएं हाथ तथा देवेंद्र निषाद के दाहिने हाथ को खरोंचते हुए निकल गई। पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग में जालसाज अजय दूबे उर्फ छोटू व रंजीत यादव के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस टीम ने उनके साथ ही कार सवार उग्रसेन व सुरजीत को धर दबोचा। उनके पास से दो तमंचा, दो कारतूस, 26 एटीएम कार्ड, छह मोबाइल व एक कार बरामद किया गया है। कार में आगे की कूटरचित नंबर प्लेट लगा था तो पीछे नंबर ही नहीं लिखा था। मामले में सभी के विरुद्ध सोनहा थाने में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, कूटरचना, आर्म्स एक्ट आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

गोरखपुर से मऊ तक देते हैं घटनाओं को अंजाम

पकड़े गए जालसाजों ने पूछताछ में बताया कि उनका एक गैंग है। वे गोरखपुर, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती से लेकर मऊ तक घटनाओं को अंजाम देते हैं। वे एटीएम मशीन के पास पकड़ी गई कार से जाकर रेकी करते थे। जब कोई भोला-भाला बुजुर्ग व्यक्ति व महिला उन्हें दिखती थी तो उनकी मदद के बहाने उनके एटीएम का पिन जान लेते हैं और उनका एटीएम बदल देते हैं। बाद में एटीएम से रकम निकालकर आपस में बांट लेते हैं। बताया कि असलहा इस लिए लेकर चलते हैं ताकि यदि कहीं कोई समस्या हो तो डरा-धमकाकर मौके से भाग लें। बस्ती जनपद में पांच जुलाई को रुधौली से एक महिला का एटीएम बदल 90 हजार निकाल लिए थे। 30 जुलाई को भी वे मऊ जनपद के घोसी से एटीएम बदलकर बड़हलगंज गोरखपुर से रकम निकाले थे। भानपुर की तरफ भी इसी मकसद से आ रहे थे। कार का नंबर बदल कर चलते हैं, जिससे कोई पहचान न सके।

अजय दूबे है गिरोह का सरगना

एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार जालसाज अजय दूबे पर संतकबीरनगर, कुशीनगर और बस्ती में कुल 14, रंजीत पर सात, सुरजीत पर छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अजय दूबे गिरोह का सरगना है। इनके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। सभी के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Rahul Srivastava