गोरखपुर, जागरण संवाददाता। 28 अक्टूबर को इलेक्ट्रिक बसें गोरखपुर पहुंची तो शहर के लोगों की खुशी दो गुनी हो गई। अब महानगर के एक से दूसरे छोर की यात्रा सर्वसुलभ हो जाएगी। नवंबर भी बीत गया लेकिन चलना तो दूर बसों का रजिस्ट्रेशन और फिटनेस जांच भी नहीं हो सकी है। 15 इलेक्ट्रिक बसें नौसढ़ स्टेशन परिसर में चलने का इंतजार कर रही हैं। कहीं कोई नोटिस लेने वाला नहीं है।

चार्जिंग प्वाइंट भी तैयार नहीं, विभागों की उदासीनता की पेच में फंसा बसों का संचालन

जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन विभागों की उदासीनता के पेच में फंस कर रह गया है। परिवहन निगम ने दावा किया था कि 30 नवंबर तक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी चार्जिंग प्वाइंट ही तैयार नहीं हो पाए हैं। बसों को संचालित करने के लिए न कार्यदायी संस्था उत्सुक दिख रही और न परिवहन निगम व नगर निगम। बसों के संचालन की तैयारियों को देखकर नहीं लग रहा कि नवंबर में भी इलेक्ट्रिक बसों के सफर की आस पूरी हो पाएगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एके मिश्रा का कहना है कि बसों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

रोडवेज की बसों का टोटा

उधर, गोरखपुर से लंबी दूरी (लखनऊ, प्रयाराज और दिल्ली आदि) ही नहीं देवरिया, रुद्रपुर, तमकुही, महराजगंज और ठूठीबारी आदि लोकल रूट के लिए भी बसेें नहीं मिल रही है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एके मिश्रा के अनुसार लग्न में कर्मचारियों की छुट्टी पर चले जाने से परेशानी बढ़ी है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि यात्रियों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े। परिचालकों के अभाव में स्टेशन परिसर में ही लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के सभी टिकट बुक कर दिए जा रहे हैं, ताकि बिना परिचालक के भी अधिक से अधिक बसें चलाई जा सकें। बसों के फुल हो जाने के बाद रास्ते में एक भी यात्री नहीं बैठाए जा रहे हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

Edited By: Pradeep Srivastava