नेपाल से यूपी लाया जा रहा तीन करोड़ का 591 किलो गांजा बरामद, ट्रक को किया गया सीज
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नेपाल से सोनौली के रास्ते उत्तर प्रदेश लाए जा रहे 591.3 किलोग्राम गांजे की बड़ी ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
DRI ने 591.3 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
जब्त गांजे की कीमत तीन करोड़ रुपये आंकी गई।
गांजा ट्रक के गुप्त चैंबरों में छिपाया गया था।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल से सोनौली के रास्ते उत्तर प्रदेश में गांजे की बड़ी खेप लाए जाने की सूचना पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने कार्रवाई करते हुए 591.3 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। तस्करों ने बोनट के ऊपर व चालक की सीट के पीछे बने गुप्त चैंबर में 81 पैकेट में गांजा छिपा रखा था। डीआरआइ टीम मामले में आगे की जांच कर रही है।
डीआरआई के दिल्ली स्थित मुख्यालय को नेपाल से गांजे की बड़ी खेप लाए जाने की सूचना मिली थी, जो सोनौली के रास्ते यूपी में प्रवेश करते हुए आगे जाना था। दिल्ली की टीम ने सूचना के आधार पर लखनऊ को अलर्ट किया। यहां से मिली सूचना के बाद गोरखपुर डीआरआई टीम ने सोनौली सीमा से प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच शुरू की।
साथ ही अभियान को प्रभावी बनाने के लिए लखनऊ, पटना और वाराणसी स्थित डीआरआइ की टीमों के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया, जिससे की तस्कर बिहार की तरफ न चले जाए।
डीआरआई गोरखपुर ने संदिग्ध ट्रक की पहचान के लिए चार घंटे से अधिक समय तक निगरानी की। टोल प्लाजा के डेटा की मदद से वाहन की गतिविधियों का पता लगाया गया। इसके बाद डीआरआइ की टीम ने गोरखपुर और कुशीनगर के बीच ट्रक को रोककर तलाशी लेनी शुरू की। इसी बीच टीम को फोरलेन किनारे एक संदिग्ध ट्रक खड़ा मिला। जांच के दौरान वाहन में तस्करी के लिए बनाए गए दो गुप्त चेंबर भी मिले।
एक गुप्त चेंबर ट्रक के बोनट के ऊपर और दूसरा चालक की सीट के पीछे बनाया गया था। दोनों से कुल 81 पैकेट बरामद हुए। इनमें 591.3 किलोग्राम गांजा भरा हुआ था। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। डीआरआई टीम ने बरामद गांजे जानकारी देते हुए बाजार में इसकी कीमत तीन करोड़ रुपये आंकी है। टीम ने गांजे और ट्रक को 1985 एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त कर विधिक कार्रवाई की।
डीआरआई के अनुसार, यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। एजेंसी तस्करी में शामिल संगठित गिरोहों की पहचान करने और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच कर रही है।
