गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के कैम्पियरगंज की एक महिला ने बड़हलगंज इलाके के जिला पंचायत सदस्य पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि गैर सरकारी संगठन के प्रबंधक जिला पंचायत सदस्य ने उसे नौकरी देने के बहाने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उधर, जिला पंचायत सदस्य ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लडऩा चाहते हैं, ऐसे उनके खिलाफ साजिश की जा रही है।

नौकरी देने के बहाने संस्था के खड़ेसरी स्थित दफ्तर पर बुलाने की बात कही

पुलिस को दी तहरीर में महिला ने बताया कि वह गोरखपुर स्थित समाज कल्याण आफिस में काम के लिए गई थी। यहां उसकी मुलाकात आलोक गुप्ता से हुई। उन्होंने खड़ेसरी स्थित संस्था के हेड आफिस पर काम देने के लिए बुलाया। छह जून जब मैं वहां पहुंची तो मेरे साथ दुष्कर्म किया गया। इस बारे में जब जिपं सदस्य की पत्नी से उसने आपबीती सुनाई तो उन्होंने भी थाने पर नहीं जाने की बात कही। पति-पत्नी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। कोतवाल मनोज राय ने कहा कि तहरीर मिली थी। जिसकी जांच के लिए संस्था के हेड आफिस पर जाकर जांच की गई। वहां सीसीटीवी कैमरा चेक किया गया है, जिसमें ज्यादातर खराब थे। डीवीआर भी काम नहीं कर रहा था।

जिला पंचायत सदस्य ने आरोपों को न‍िराधार बताया

उधर, जिला पंचायत सदस्य आलोक गुप्ता ने कहा कि आरोप निराधार है। हमे साजिशन फंसाया जा रहा है, जिससे की मैं जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी न बन पाऊं। किसी भी सक्षम एजेंसी से जांच करा लिया जाए, अगर मैं दोषी हूं तो कार्रवाई की जाए। मंगलवार को दिन में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके आवास पर आए और घर में लगे सीसी कैमरे की फुटेज चेक करने लगे। बाद में कैमरे का डीबीआर अलग कर दिया। उन्होंने पुलिस पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

बीडीसी सदस्य के देवर को अगवा करने का आरोप

उधर, उरुवा विकास खंड के वार्ड संख्या ६६ बीडीसी सदस्य चुनी गईं फूलमति के देवर संदीप को घर से अगवा कर लिए जाने की सूचना से पुलिस सकते में आ गई थी, लेकिन कुछ देर में ही इस सनसनीखेज प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। संदीप की तलाश में सक्रिय हुई पुलिस को वह उरुवा बाजार में घूमते मिले। बाद में संदीप की मां को थाने बुलाकर पुलिस ने उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया।

उरुवा क्षेत्र के टड़वा बहलिम निवासी फूलमती की सास नंदरानी ने मंगलवार को उरुवा थाने में फोन कर बेटे को अगवा कर लिए जाने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि दिन में तीन बजे के आसपास चार-पांच लोग आए थे। उन्होंने ब्लाक प्रमुख चुनाव में एक व्यक्ति के पक्ष में मतदान करने को कहा। आरोप है कि इससे इन्कार करने पर वह लोग संदीप को जबरिया अपने साथ लेकर चले गए।

इस संबंध में बात करने पर सीओ गोला अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि संदीप की मां को कोई गलतफहमी हो गई थी। संदीप के अगवा होने की सूचना मिलने के बाद उनके नंबर पर फोन किया गया तो उन्होंने उरुवा बाजार में मौजूद होने की जानकारी दी। फोन पर बातचीत के दौरान ही उन्हें थाने आने के लिए कहा गया। कुछ देर बाद संदीप खुद थाने पहुंच गए। बाद में परिवार के लोगों के साथ उन्हें घेर भेज दिया गया।

Edited By: Pradeep Srivastava