गोरखपुर, जेएनएन। भविष्य निधि में हुए घोटाले के विरोध में बिजली निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विरोध तेज कर दिया। तीन दिनों तक दो घंटे तक धरना देने वाले कर्मियों ने सुबह 11 बजे से ही धरना दिया। धरने के कारण कामकाज भी प्रभावित हुआ।

भविष्य निधि के देयता की जिम्मेदारी तय हो

धरने को संबोधित करते हुए ई. केके चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकारें सिर्फ ऊंची आवाज सुनती है। हमें एकजुटता के साथ लड़ाई जारी रखनी होगी। एसके ओझा ने कहा कि भविष्य निधि के देयता की जिम्मेदारी तय हो, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा। बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि सरकार यह घोषणा करे कि धन की जिम्मेदारी वह लेगी। जितनी जल्दी यह बयान जारी होगा, आंदोलन उतनी की जल्दी स्थगित होगा। धरने को ई. ऐश्वर्य सिंह, करुणेश तिवारी, अखिलेश गुप्ता, कृष्णमोहन यादव, सीबी उपाध्याय, राम अवतार यादव, हवलदार रावत, प्रभुनाथ प्रसाद, गुलशन कुमार, राजेश प्रजापति, केके भार्गव आदि ने संबोधित किया। इस दौरान ई. मुदित तिवारी, अवनीश सिन्हा, नवनीत कुमार, आरएन यादव, कृष्णचंद गुप्ता, केएन शर्मा, प्रदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

11 नवंबर को करेंगे बुद्धि-शुद्धि यज्ञ

संघर्ष समिति के ब़ृजेश त्रिपाठी ने बताया कि 11 नवंबर सोमवार को समिति की ओर से दोपहर बाद एक बजे बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया जाएगा। 

विपणन निरीक्षकों का प्रदर्शन जारी

विभिन्न समस्याओं के निदान में विलंब से नाराज खाद्य एवं रसद निरीक्षकों की ओर से काली पट्टी बांधकर किया जा रहा विरोध प्रदर्शन जारी रहा। यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स आफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में शामिल निरीक्षकों का कहना था कि संगठन की ओर से वर्षों से कंट्रोल ऑर्डर में विपणन शाखा के निरीक्षक संवर्ग तक प्रवर्तन अधिकार दिए जाने, धान खरीद सेवा योग्य बोरे की व्यवस्था के संबंध में स्पष्ट नीति तय करने, वेतन विसंगति सहित तमाम मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही है। शासन स्तर से हर बार महज आश्वासन ही मिलता है। अब 11 नवंबर तक सभी विपणन निरीक्षक एवं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।   

Posted By: Satish Shukla

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