गोरखपुर, जागरण संवाददाता। नेपाल के रुपनदेही जिला के बुटवल के पास मोतीपुर क्षेत्र में 10 अक्‍टूबर को हुए पुलिस व नागरिकों के संघर्ष के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था। चार दिन बाद 14 अक्‍टूबर को स्थिति सामान्‍य होने पर कर्फ्यू हटा दिया गया। एहतियात के तौर पर सशस्त्र पुलिस बल की टोलियां गश्त में लगाई गई हैं। विवाद की जांच के लिए प्रदेश सरकार निगरानी में एक जांच टीम गठित की गई है। सशस्त्र पुलिस की टीम ने 14 अक्‍टूबर को देर शाम जांच के दौरान 100 से भी अधिक पेट्रोल बम, बांस के डंडा व चाकू बरामद करने का दावा किया है।

एक मृतक की अब भी नहीं हो पाई है पहचान 

बुटवल के मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में 10 अक्टूबर को अवैध कब्जा व अतिक्रमण हटाने गई नेपाल सशस्त्र पुलिस बल और कथित अतिक्रमणकारियों के बीच जम कर संघर्ष हुआ था। पुलिस को फायरिंग करनी पडी थी। इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कपिलवस्तु वाणगंगा नगर पालिका वार्ड 10 निवासी रमेश परियार, रुपनदेही के शुद्धोधन नगर पालिका वार्ड पांच निवासी वीरेंद्र कुर्मी व नवलपरासी जिला के बर्दघाट निवासी युजन कुमार शामिल हैं। जबकि एक अन्य मृतक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है।

एसपी समेत तीन दर्जन पुलिस कर्मी हुए हैं घायल

मोतीपुर क्षेत्र में नागरिकों के साथ हुई झड़प में सशस्त्र पुलिस बल के एसपी राजेश उप्रेती समेत कुल 37 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। पुलिस का दावा हैं कि आक्रोशित नागरिकों ने बीयर व शराब की बोतलों से बनाई गई पेट्रोल बम से पुलिस पर हमला किया था। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाने के लिए गोली चलाई।

स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है

रुपनदेही जिले के सीडीओ ऋषि राम तिवारी ने बताया कि रुपनदेही जिला के मोतीपुर क्षेत्र से कर्फ्यू हटा दिया गया है। स्थितियां शांत व प्रशासन के काबू में हैं। घायल पुलिस कर्मियों की हालत में अब सुधार है।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi