गोरखपुर, जेएनएन। धान पर हर्दिया रोग का हमला होने से दासडीह, दुहवा, पिठिया के दर्जनों किसानों की फसल बर्बाद हो गई। पूर्वांचल बैंक के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) धारक सुभाष पाठक, राम कुमार, राधेश्याम, सतीश व राजू को इस बात का भरोसा था कि बीमा कंपनी नुकसान की भरपाई कर देगी। पहले से परेशान इन किसानों को झटका तब लगा जब पता चला कि फसल बीमा का लाभ उन्हें नहीं मिलने वाला है।

ऐसे कटती है प्रीमियम की राशि

ऐसे एक-दो दर्जन नहीं, हजारों किसान हैं जो फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम तो जमा कर रहे हैं, लेकिन फसल की क्षति होने पर उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। दरअसल किसान जैसे ही केसीसी लेते हैं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी पर 1.5 जबकि खरीफ पर दो फीसद प्रीमियम काट लिया जाता है। प्रीमियम की यह राशि संबंधित बीमा कंपनी को भेज दी जाती है।

ये है बीमा पाने के नियम

किसी आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन ग्राम पंचायत का सर्वे कराता है। यदि पूरी ग्राम सभा में 50 फीसद से ज्यादा फसल का नुकसान हुआ है तो हेक्टेयर के हिसाब से बीमा राशि तय की जाती है। यह राशि बैंक के माध्यम से बीमा कंपनी केसीसी धारकों को देती है। यदि किसी एक या दो-चार व्यक्ति की फसल नष्ट होती है तो बीमा कंपनी से कोई लाभ नहीं मिलता है। इन नियमों की जानकारी किसानों को नहीं होती है, जिसकी वजह से वह बीमा राशि के लिए परेशान रहते हैं। 

गत वित्तीय वर्ष में फसल का बीमा करने वाली रिलायंस सामान्य बीमा कंपनी के संयोजक अभिलाष कुमार ने बताया कि जिन किसानों की फसल नष्ट हुई है और उन्हें बीमा का लाभ नहीं मिला है, वे संबंधित बैंक में आवेदन करें, वहीं से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैंक का सिर्फ इतना है काम

इस संबंध में पूर्वांचल बैंक के चेयरमैन एके सिन्हा,का कहना है कि बैंक बीमा प्रीमियम की राशि काटकर संबंधित बीमा कंपनी को दे देता है। सर्वे के बाद पात्र किसानों की सूची व बीमा धनराशि हमारे पास आती है, उसे हम सीधे किसानों के खाते में भेज देते हैं।

इन स्थितियों में मिलती है बीमा राशि

प्रतिकूल मौसम के कारण बुआई न कर पाने पर। प्राकृतिक आपदा या रोगों-कीड़ों से क्षति होने पर। कटाई के 15 दिन पूर्व तक प्रतिकूल मौसम के कारण 50 फीसद से अधिक की क्षति होने पर।

फसल बीमा व भुगतान

पूर्वांचल बैंक में वर्ष 2017-18 में 324928 किसानों की खरीफ की फसल कवर की गई जिसका कुल प्रीमियम 22.61 करोड़ और 13381 किसानों को 17.65 करोड़ की फसल सुरक्षा प्रदान की गई। 2018-19 में रबी की फसल में 234642 किसानों की फसल कवर की गई जिसका कुल प्रीमियम 13.39 करोड़ था। खरीफ 2019 में 197211 किसानों की फसल कवर की गई है, जिसका कुल प्रीमियम 15.61 करोड़ था। 

Posted By: Satish Shukla

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