गोरखपुर, जेएनएन। पिछले दिनों बाजार में नकली दवाएं आने का मामला सामने आया था। ड्रग विभाग ने अलीनगर के एक दुकानदार के यहां बड़ी मात्रा में बिना बिल-बाउचर के लगभग आठ लाख रुपये की दवाएं पकड़ी थीं, उसे जब्त कर लिया गया है। लेकिन इसके बाद विभाग हाथ पर हाथ रखकर बैठ गया है। कारोबारी फिर सक्रिय हो गए हैं। नकली दवाएं दूर-दराज के मेडिकल स्टोरों पर खपाई जा रही हैं। बिना बिल के इनका कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। 

लखनऊ के एक व्यापारी द्वारा दवाएं वापस करने के बाद उजागर हुआ था मामला

दो सप्ताह पूर्व बाजार में 36 लाख की नकली दवाएं आने की सूचना आम हुई थी। इसमें से 18 लाख रुपये की दवाएं बेच दी गई थीं। शेष 18 लाख रुपये की दवाएं लखनऊ के दुकानदार ने नकली कहकर वापस कर दी थी। विभाग तक जब तक सूचना पहुंचे, मंडी से 18 लाख रुपये की दवाएं गायब कर दी गईं। लगभग आठ लाख रुपये की दवाएं तो पकड़ ली गई लेकिन शेष दवाएं बाजार में पहुंच चुकी हैं। 

दवाएं जलाने की सूचना झूठी

लखनऊ से जब दवाएं वापस आईं तो यह सूचना आम हुई थी कि नौसढ़ से ही उन दवाओं को गायब कर दिया और उसे जला दिया गया है। लेकिन अब यह सूचना आने लगी है कि वह बात झूठी थी। दवाएं मेडिकल स्टोरों पर भेजी जा रही हैं। ड्रग विभाग सतर्क हो गया है। अपनी टीमें लगा दी है। 

नकली दवा का कारोबार करने वाला कोई कारोबारी बचेगा नहीं। पूरी तरह तस्दीक होने के बाद ही छापा पड़ेगा। हमारी टीमें लगी हुई हैं। बड़े पैमाने पर यहां नकली दवाओं के कारोबार के संकेत मिल रहे हैं। शीघ्र ही इसका पर्दाफाश हो जाएगा। -एजाज अहमद, सहायक औषधि आयुक्त

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