गोरखपुर, जेएनएन। उप्र राज्य चीनी निगम के गन्ना सलाहकार संजय गुप्ता ने कहा कि परिक्षेत्र में गन्ना रकबा बढ़ाना आवश्यक है। मिल गन्ना बोआई पर कृषि यंत्र सहित तमाम सुविधाएं प्रदान कर रहीं है। संजय गुप्‍त विकास खंड भटहट अंतर्गत ग्रामसभा चिउराडीह में गन्ना किसानों की गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि किसानों को इसका लाभा लेना चाहिए। इससे जहां किसानों को सहूलियत मिलेगी वहीं गन्‍ना बोने और पैदा करने में कोई परेशानी भी नहीं होगी।

किसानों को भुगतान में नहीं होगी परेशानी

पिपराइच चीनी मिल के जीएम जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अगले सत्र में चीनी मिल एथनाल का निर्माण शुरू कर देगी। बिजली व एथनाल की बिक्री से किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान में आसानी होगी। इसलिए किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। किसान संस्थान के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर गन्ना बोआई के समय संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें। अधिक उपज देने वाली गन्ना प्रजातियों की पहचान कर सही तरीके से उसे बोए। गन्ना प्रबंधक बीएस बघेल ने बताया ट्रेंच विधि से बोआई पर चार सौ से पांच सौ क्विंटल तक एक एकड़ में उपज मिलेगा। अध्यक्षता किसान जय सिंह ने की।

किसानों का 50 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया

उप्र राज्य चीनी निगम पिपराइच में अब तक कुल 16 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हो चुकी है। इस मद में किसानों का बकाया गन्ना मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपया हो गया है, जिसके सापेक्ष भुगतान हेतु शासन ने मात्र 12 करोड़ रुपये आवंटित किया है।

भुगतान की कार्यवाही शुरू

मिल के प्रधान प्रबंधक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि शासन ने मंगलवार को 12 करोड़ दिए हैं। मिल कर्मचारियों ने किसानों के खाते में भुगतान की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। प्रयास है कि दो दिन में 15 दिसंबर तक गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों के खाते में गन्ना मूल्य भेज दी जाए।

1.37 लाख क्विंटल चीनी बनकर तैयार

जीएम ने कहा मिल पर 1.37 लाख क्विंटल चीनी बनाई गई है। यानी 40 करोड़ मूल्य का चीनी गोदाम में स्टाक किया गया है। मिल व बैंक के बीच अनुबंध की प्रकिया पूर्ण नहीं होने से ब्रिकी बाधित है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह से यहां की चीनी बिक्री प्रारंभ हो जाएगी, जिससे किसानों का संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान देने में सहूलियत होगी। जीएम ने मिल के बारे में अबतक की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि अब तक पांच करोड़ मूल्य की बिजली पावर ग्रिड को बेची जा चुकी है। इसके साथ ही चार करोड़ मूल्य का शीरा स्टाक में विक्रय के लिए तैयार है। कहा कि राहत की बात है कि अब आगे से किसानों को बकाया भुगतान केलिए निगम मुख्यालय पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा।

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