गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कुशीनगर रोड पर नया गोरखपुर बसाने की योजना के साथ ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) प्रस्तावित जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन बाईपास के दोनों ओर विकास की रूपरेखा तैयार कर चुका है। यहां वाणिज्यिक गतिविधियों के साथ ही आवासीय कालोनियां भी विकसित हो सकेंगी। महायोजना 2031 में इस मार्ग के दोनों ओर 300 मीटर दायरे में वाणिज्यिक भू उपयोग निर्धारित किया जा सकता है। इसके बाद आवासीय भू उपयोग भी निर्धारित होगा। महायोजना में इस तरह के प्रावधान किए जाते हैं कि इस पूरे क्षेत्र का तेजी से विकास हो सके। यहां प्रस्तावित फोरलेन बाईपास बन जाने से महानगर के चारो ओर रिंग रोड पूरा हो जाएगा। इस मार्ग के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाने की तैयारी है।

गोरखपुर मेट्रोपोलिटन शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी

गोरखपुर शहर को मेट्रोपोलिटन शहर के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन पर मेडिकल कालेज एवं पिपराइच क्षेत्र के गांव आ रहे हैं। इन दोनों क्षेत्रों में शहर के विस्तार की पूरी संभावना है। यह मार्ग मेडिकल कालेज से 3.5 किलोमीटर की दूरी से गुजर रहा है।

17 किमी लंबे मार्ग पर नहीं होती जलभराव की समस्‍या

17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ताल जहदा के अलावा अन्य गांवों में जलभराव की समस्या भी नहीं होती। फोरलेन बाईपास प्रस्तावित होने के बाद इस क्षेत्र में धड़ल्ले से प्लाटिंग शुरू हो चुकी है। जीडीए भी इस क्षेत्र को शहर के विकास के लिए बेहतर मान रहा है। यहां से गोरखपुर एवं कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पहुंच आसान है।

25 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगा रिंग रोड

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड 25 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें से अधिकतर गांव में बाढ़ की समस्या नहीं है। रिंग रोड बैजनाथपुर, बालापार, बनगाई, बनकटिया खुर्द, इटहिया, बेलवा रायपुर, बूडाडीह, जंगल औराही, जंगल अहमद अली शाह, कैथवलिया, करमहा, कोनी, महमूदाबाद उर्फ मोगलपुरा, मठिया, मानीराम, मौलाखोर, नैयापार खुर्द, नारायनपुर दोयम, परसिया, रहमदनगर, रमवापुर, रसूलपुर, सराय गुलरिया, सिहोरिया, सोनराइच आदि गांवों से गुजर रहा है।

जीडीए से संपर्क कर रहे निवेशक

रियल एस्टेट में निवेश करने वाले लोग जीडीए से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें महायोजना लांच होने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है। यहां आवासीय कालोनियां विकसित करने की तैयारी है। कुछ लोग स्कूल एवं अस्पताल के लिए भी संपर्क कर रहे हैं।

गोरखपुर के विकास की है पर्याप्‍त संभावनाएं

जीडीए उपाध्‍यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन बाईपास के दोनों ओर 300 मीटर दायरे में इस तरह का भू उपयोग निर्धारित किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र का विकास हो सके। गोरखपुर शहर तेजी से बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi