गोरखपुर (जऐनएन)। अक्टूबर खत्म होने के साथ ठंड ने अपने पांव को मजबूती से जमाना शुरू कर दिया है। महज सात दिन में न्यूनतम तापमान का आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाना इसकी तस्दीक है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के मुताबिक ठंड बढ़ने के साथ तापमान गिरने का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।

आंकड़ों की बात करें तो 20 अक्टूबर को जो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस था वह 26 अक्टूबर को गिरकर 14.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह गिरावट क्रमवार हुई है। हालांकि अधिकतम तापमान अभी भी 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक के स्तर पर बरकरार है। यही वजह है कि दिन में गर्मी तो रात में सिहरन का अहसास हो रहा है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक तापमान के गिरने की वजह पछुआ हवाओं का चलना है। पछुआ हवाएं पहाड़ों से ठंड लेकर आ रही हैं, जिसका प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी पड़ रहा है। ठंड बढ़ने की एक बड़ी वजह सूर्य का कर्क रेखा से दूर होते जाना भी है। कर्क रेखा पर ही भारत के मौजूद होने की वजह से सूर्य से दूर होने के साथ ही ठंड में बढ़ोत्तरी हो रही है। सुबह-शाम के तापमान का अधिकतम अंतर लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। अस्पताल में मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीजों की लग रही कतार इसकी गवाही है।

पुरवा हवाएं बढ़ा रही कोहरा

पछुआ हवाओं के क्रम को तोड़कर जब बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही पुरवा हवाएं नमी लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंच रही हैं तो कोहरे की स्थिति बन रही है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक ठंड के मौसम में जब वातावरण नमी का फीसद 75 के पार होता है तो कोहरे की स्थिति बनती है। जैसे ही पछुआ हवाएं चलती हैं, नमी दूर हो जाती है और इसके साथ कोहरा भी।

ऐसे गिरा न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

तिथि तापमान

26 अक्टूबर 14.4

25 अक्टबूर 15.4

24 अक्टबूर 16.0

23 अक्टबूर 16.4

22 अक्टबूर 17.9

21 अक्टबूर 19.6

20 अक्टबूर 22.0

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