गोरखपुर के दो युवकों ने किया 'बिट्टू तबाही' जैसा कारनामा, CM योगी ने भी थपथपाई पीठ; दिया बड़ा तोहफा
गोरखपुर के दो युवकों ने मां तरकुलहा देवी धाम के ऐतिहासिक पोखरे की श्रमदान से सफाई की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे मुलाकात कर उनके कार्य की सराहना की।

एनेक्सी भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ तरकुलहा मंदिर स्थित पोखरे की सफ़ाई करने वाले अनुपम गुप्ता व करन निषाद
HighLights
युवकों ने श्रमदान से तरकुलहा देवी पोखरे की सफाई की।
मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं से मिलकर उनके समर्पण की सराहना की।
सीएम ने पोखरे के स्थायी जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर : पूर्वांचल के प्रमुख शक्तिपीठ मां तरकुलहा देवी धाम परिसर स्थित ऐतिहासिक पोखरे की श्रमदान के जरिये सफाई करने वाले दो युवकों से सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की। उनके काम की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि मां तरकुलहा देवी धाम के सामने स्थित प्राचीन पोखरे का सुंदरीकरण व स्थायी जीर्णोद्धार जल्द कराया जाएगा।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल मां तरकुलहा देवी के पोखरे की जलकुंभी व गंदगी से मुक्त करने के लिए चौरी चौरा के भाऊपुर गांव के अनुपम गुप्ता व करन निषाद ने पांच सितंबर से प्रतिदिन श्रमदान का कार्य शुरू किया। श्रद्धा व सेवा भाव से किए जा रहे इस कार्य को देखकर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने भी युवाओं की सराहना की।
युवाओं की इस पहल की जानकारी शासन तक पहुंची। बुधवार की सुबह एसडीएम चौरी चौरा ने अनुपम गुप्ता व करन निषाद से फोन पर संपर्क कर बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। वह स्वयं दोनों युवाओं को अपनी गाड़ी से एनेक्सी भवन तक ले आए।
यहां मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात की। उनके साथ फोटो खिंचवाई और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने पोखरे की सफाई के लिए उनके द्वारा किए जा रहे श्रमदान व सेवा भाव की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।
उन्होंने आश्वासन दिया कि मां तरकुलहा देवी धाम के सामने स्थित प्राचीन पोखरे का सुंदरीकरण और स्थायी जीर्णोद्धार जल्द कराया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों ने निभाई औपचारिकता
दो युवाओं के तरकुलहा देवी मंदिर पोखरा की सफाई करने का मामला समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के साथ ही इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ तो तहसील प्रशासन व ब्लॉक के जिम्मेदारों की आंख खुली। बीडीओ ने 79 सफाई कर्मचारी भेजे, लेकिन वे पोखरे में उतरने के बजाय किनारों से कुछ गंदगी साफ कर केवल औपचारिकता निभाई।
