गोरखपुर में सिर पर हमला कर CISF जवान की हुई थी हत्या, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
गोरखपुर में सीआईएसएफ जवान परमबीर यादव की हत्या कर शव फेंका गया था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट ...और पढ़ें

सीआईएसएफ जवान परमबीर यादव की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
सीआईएसएफ जवान परमबीर यादव की हत्या कर शव मिला।
पोस्टमार्टम में सिर पर गंभीर चोट से हत्या की पुष्टि।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सीआईएसएफ जवान की हत्या कर शव फेंका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई। इसके आधार पर गीडा पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। पिता दिनेश चंद्र यादव ने मुखाग्नि दी। सीआईएसएफ जवान परमबीर यादव का शव कालेसर जीरो प्वाइंट स्थित बोक्टा-बरवार बांध के किनारे रविवार की रात पुलिस ने शव बरामद किया था।
बाघागाड़ा निवासी परमबीर की तैनाती धनबाद में थी। उनके भाई धर्मबीर के अनुसार, परमबीर रविवार को छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। ट्रेन छूट जाने के बाद उन्होंने किराये की गाड़ी से आने का निर्णय लिया था। देर रात 12 बजे कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे वह अचेत अवस्था में मिले। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज ले गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उनकी जेब से मिले सीआईएसएफ के पहचान पत्र से उनकी पहचान हुई। सूचना मिलते ही स्वजन में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन को सौंप दिया। इसके बाद देर शाम पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की मौजूदगी में परमबीर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, पुलिस परमबीर के धनबाद से गांव आने के लिए इस्तेमाल की गई किराये की गाड़ी के बारे में जानकारी जुटा रही है। गाड़ी में परमबीर के अलावा और कौन-कौन सवार था और रास्ते में वह किन स्थानों पर रुकी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस कालेसर और आसपास के टोल प्लाजा पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
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बेटी से नहीं हो सकी बात, 55 बार पत्नी ने किया फोन
परमबीर की पत्नी प्रतिमा यादव ने बताया कि रविवार को गांव के लिए निकलने से पहले पति ने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी। उन्होंने बेटी रिया यादव से भी बात कराने के लिए कहा था, लेकिन उस समय बेटी सो रही थी। इसके बाद पत्नी उनके फोन का इंतजार करती रहीं।
प्रतिमा के अनुसार, रविवार रात उन्होंने 55 बार पति के मोबाइल नंबर पर फोन की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में देवर के माध्यम से उन्हें परमबीर के अस्पताल में होने की जानकारी मिली।
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