गोरखपुर, जागरण संवाददाता। चेन्नई में 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले 44वें शतरंज ओलिंपियाड के प्रचार-प्रसार के क्रम में देश भर में विचरण कर रहे शतरंज ओलिंपियाड टार्च रिले का मंगलवार को गोरखपुर में भव्य स्वागत हुआ। स्वागत समारोह का आयोजन गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में हुआ। स्वागत के लिए मौजूद रहे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यसभा सदस्य डा. आरएमडी अग्रवाल, विधायक राजेश त्रिपाठी व महेंद्र पाल सिंह।

एक झलक पाने को बेताब दिखे लोग: आल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष डा. संजय कुमार के नेतृत्व में ग्रैंड मास्टर तेजस बागड़े, जी गोपालन और वंतिका अग्रवाल ने टार्च रिले के साथ स्मृति सभागार में प्रवेश किया तो वहां मौजूद सभी उसकी एक झलक पाने के लिए बेताब हो गए। कुछ ने अपने स्थान से ही रिले टार्च की तस्वीर उतारी तो कुछ ने सेल्फी लेकर उस महत्वपूर्ण पल से खुद को जोड़ा।

भारत माता के जयकारे से गूंज उठा सभागार: टार्च रिले जब समारोह के मंच पर पहुंचा तो पूरा सभागार भारत माता के जयकारे से गूंज उठा। मंच पर सजी शतरंज की बिसात पर कृषि मंत्री ने ग्रैंड मास्टर के साथ औपचारिक रूप से एक चाल चलकर समारोह की शुरुआत की। रिले के स्वागत में गीत-संगीत की प्रस्तुति भी गई। सोमनाथ यादव के नेतृत्व 11 युवाओं ने फरुआही लोकनृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धर्मेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रदेश हाकी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरज सिंह हरीश, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी आले हैदर के अलावा पुलिस व प्रशासन के आला अफसर मौजूद रहे।

स्क्रीन पर दिखाया गया टार्च रिले का शुभारंभ: स्वागत कार्यक्रम में मौजूद लोगों को स्क्रीन पर उस क्षण को दिखाया गया, जब नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम से टार्च रिले के आयोजन की शुरुआत हुई। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन को दिखाकर मौजूद खिलाड़ियों को आयोजन की महत्ता बताई गई।

16 बच्चों के साथ शतरंज खेल ग्रेड मास्टर ने बढ़ाया उत्साह: टार्च रिले के स्वागत में दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में लाइन से बिछाई गई 16 बिसात और उसके सामने बैठे बच्चे सभी का ध्यान खींच रहे थे। अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड मास्टर दिनेश शर्मा सभी के साथ बारी-बारी से शतरंज खेलकर बच्चाें का उत्साह बढ़ा रहे थे। ग्रैंड मास्टर ने बताया कि यह आयोजन बच्चों में शतंरज के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए किया गया है। इसे साइमंटेनियस चेस के नाम से जाना जाता है। इसमें एक ही व्यक्ति एक साथ कई लोगों से शंतरंज खेलता है।

प्रदेश के पाठ्यक्रम में शतरंज को कराएंगे शामिल: डा. संजय

समारोह के मंच से अपने संबोधन और बाद में संवाददाताओं से बातचीत में आल इंडिया शतरंज फेडरेशन के अध्यक्ष डा. संजय कपूर ने देश में होने वाले पहले शतरंज ओलिंपियाड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रदेश में शतरंज के विकास को लेकर अपनी योजना को साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शतरंज को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। शतरंज के प्रदेश के पाठ्यक्रम में शामिल कराकर इस खेल के प्रति बच्चों को जागरूक करने की योजना है। इसे लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत चल रही है।

डा. कपूर ने बताया कि शतरंज ओलिंपियाड के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार देश को इसकी मेजबानी मिली है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। चेन्नई में आयोजित इस ओलिंपियाड में एक छत के नीचे 187 देशों के शतरंज खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते नजर आएंगे। इसके प्रचार-प्रचार के लिए टार्च रिले निकाला गया है। प्रदेश के नौ जिलों से गुजरने के क्रम में यह गोरखपुर पहुंची है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में 90 प्रतिशत बच्चे वीडियो गेम खेलते हैं, जिससे उनका जीवन संकुचित हो जाता है। ऐसे में अगर अभिभावक उन्हें शतरंज खेलने के लिए प्रोत्साहित करेंगे तो उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा और सोच का दायरा बड़ा होगा।

Edited By: Pragati Chand