गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गांवों में तैनात सफाई कर्मी प्रधानों की भी नहीं सुनते। 20 एवं 21 सितंबर को यागीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में संपन्न दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में प्रधानों ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष यह समस्या उठाई थी। प्रधानों की शिकायत के जवाब में जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि सभी ग्राम सभा में पंचायत भवनों पर उपस्थिति पंजिका होगी और सफाई कर्मियों को रोज उसपर हस्ताक्षर करने होंगे। ग्राम प्रधान की ओर से भेजी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही सफाई कर्मियों का वेतन बनेगा। उपस्थिति पंजिका में यदि नियमित हाजिरी नहीं पाई जाएगी तो सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

ग्राम प्रधानों ने अध‍िकार‍ियों से की थी श‍िकायत

गोरखपुर जिले के सभी ग्राम प्रधानों के लिए दो चरण में कार्यशाला का आयोजन किया जाना है। पहले चरण में 10 बलाकों के 659 ग्राम प्रधानों को बुलाया गया था। अलग-अलग विभागों के विभागाध्यक्षों ने विस्तार से बताया कि उनके यहां की कौन सी योजनाएं गांवों में लागू होती हैं और उसका लाभ आम आदमी को कैसे दिलाया जा सकता है। 20 सितंबर को जिलाधिकारी पूरे दिन कार्यशाला में मौजूद रहे तो मुख्य विकास अधिकारी दोनों दिन उपस्थित रहे।

प्रधानों की नहीं सुनते सफाई कर्मी

अधिकारियों के संबोधन के बाद दूसरे दिन प्रधानों ने अपनी समस्या रखी। प्रधानों का सबसे बड़ी समस्या सफाई कर्मियों को लेकर थी। अधिकतर ने कहा कि सफाई कर्मी उनकी नहीं सुनते हैं। जब उनका मन होता है गांव में आते हैं, जब चाहते नहीं आते। सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इस समस्या के जवाब में जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा कि प्रधान के अनुमोदन के बाद ही सफाई कर्मियों का वेतन मिलता है इसलिए जो सफाई कर्मी नहीं आता है, उसके वेतन की संस्तुति ही न की जाए।

उन्होंने कहा कि इस समस्या के निराकरण के लिए पंचायत भवनों पर उपस्थिति पंजिका रखवायी जाएगी। प्रधान स्वयं जाचें कि रोज सफाई कर्मियों के हस्ताक्षर उसपर हो रहे हैं या नहीं। गांव में काम न करने वालों के बारे में सूचना दें। प्रधानों की ओर से सफाई कर्मियों के स्थानांतरण की बात भी उठाई गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि यह अधिकार जिलाधिकारी के पास है।

Edited By: Pradeep Srivastava