गोरखपुर, जेएनएन। खेतों में पराली नहीं जलाने के आदेश के बाद भी पराली जलाई जा रही है। खेत में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ तहसील प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर 45 किसानों के खिलाफ पराली जला कर प्रदूषण फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

जागरूकता नहीं आ रहा काम

पर्यावरण प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखकर सुप्रीम कोर्ट काफी सख्त हो गया था। कोर्ट की सख्ती के बाद सूबे की सरकार की खेतों में पराली जलाए जाने को लेकर काफी गंभीर है। किसानों को इसके लिए बकायदे जागरूक किया जा रहा है और उससे होने वाली हानियों को भी बताया जा रहा है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि पराली जलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

दो थानों में दर्ज हुआ है मुकदमा

सहजनवां व गीडा थाने में हल्का लेखपालों ने कुल 45 किसानों पर केस कराया है। अभी तक सिर्फ एक किसान ने ही तहसील में जुर्माना राशि के रूप में 2500 रुपये जमा किया है। थानाध्यक्ष सहजनवां दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि देवापार डुगडुईया निवासी जितेंद्र नाथ, सुशीला देवी, दिनेश प्रताप, गिरीश व आशीष पर मुकदमा दर्ज किया गया है। भिटनी निवासी ब्रह्मा, रामवृक्ष, शिवनाथ व जितेंद्र लखनापार के देवी प्रसाद, चंद्रभूषण, कोडरी उर्फ हडही के रामसुभग आदि किसानों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक गीडा दिलीप ङ्क्षसह ने बताया कि लेखपालों की तहरीर पर दो दर्जन से अधिक किसानों के खिलाफ केस लिखा गया है। 

Posted By: Satish Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप