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गोरखपुर में बसपा की चुनावी रणनीति तेज, चिल्लूपार के बाद अन्य सीटों पर मंथन जारी

Published: Sun, 30 Aug 2026 01:16 PM (IST)

बसपा ने चिल्लूपार में प्रत्याशी घोषित करने के बाद गोरखपुर की अन्य विधानसभा सीटों पर जिताऊ चेहरों की तलाश तेज ...और पढ़ें

बसपा प्रमुख मायावती। जागरण

बसपा प्रमुख मायावती। जागरण

HighLights

  1. बसपा ने चिल्लूपार में अस्मिता चंद को प्रत्याशी बनाया।

  2. गोरखपुर की अन्य आठ सीटों पर जिताऊ चेहरे तलाश रही।

  3. सहजनवा, पिपराइच, चौरीचौरा, कैंपियरगंज पर विशेष नजर।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में अस्मिता चंद को प्रभारी एवं प्रत्याशी घोषित करने के बाद बसपा ने अन्य विधानसभा सीटों पर भी जिताऊ चेहरे की तलाश तेज कर दी है। पार्टी के सामने चिल्लूपार जैसा प्रभावशाली और सामाजिक समीकरण साधने वाला प्रत्याशी तलाशने की चुनौती है। जिले की आठ अन्य विधानसभा सीटों पर संभावित दावेदारों के नामों पर मंथन शुरू हो गया है।

जिले में सदर सहित कुल नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। इनमें चिल्लूपार से पार्टी ने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। इसके बाद सहजनवा, पिपराइच, खजनी, चौरीचौरा और कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष नजर है। इन सीटों पर कई लोग टिकट की दावेदारी को लेकर पार्टी नेताओं से संपर्क साध रहे हैं।

कैंपियरगंज क्षेत्र की दावेदारी के लिए एक प्रभावशाली नेता ने पहले ही शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर ली है। कुछ अन्य लोग भी यहां से दावेदारी कर सकते हैं। अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित बांसगांव विधानसभा क्षेत्र भी चार दावेदार लखनऊ में संपर्क कर चुके हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से निषाद समुदाय में पकड़ वाले नेता की तलाश है।

पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि चिल्लूपार में अस्मिता चंद की घोषणा के बाद हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में जुटी भीड़ और इंटरनेट मीडिया पर समर्थकों की सक्रियता से उत्साह बढ़ा है। इसी आधार पर अब अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे चेहरों की तलाश की जा रही है, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो। वह विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच प्रभाव बना सकें।

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पार्टी नेताओं का मानना है कि मजबूत सामाजिक आधार वाले प्रत्याशी मिलने पर कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया जा सकता है। हालांकि वरिष्ठ पदाधिकारी इस संबंध में खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्रत्याशी चयन में कई स्तरों पर मंथन होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।