गोरखपुर, जेएनएन। भारत संचार निगम लिमिटेड ने अपने मोबाइल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन के चलते प्रीपेड नंबरों की वैधता की अवधि बढ़ाकर पांच मई कर दी गई है। पहले यह 20 अप्रैल निर्धारित थी। चार मई तक वैधता समाप्त होने वाले सिमधारक इस योजना से लाभान्वित होंगे।

गोरखपुर क्षेत्र के करीब तीन लाख प्रीपेड उपभोक्ता लाभांवित होंगे

गोरखपुर के डीजीएम आपरेशनल आरएन यादव ने बताया कि बीएसएनएल ने यह सेवा पूरे देश में लागू की है। इससे गोरखपुर क्षेत्र के करीब तीन लाख प्रीपेड उपभोक्ता लाभांवित हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है, जिसके जरिए उपभोक्ता आसानी से अपना मोबाइल रिचार्ज कर सकेंगे। टोल-फ्री नंबर पर 5670099 पर कॉल करके उपभोक्ता अपना प्रीपेड नंबर रिचार्ज करा सकेंगे।

लॉकडाउन में 925 जीबी बढ़ गई डाटा की खपत

जिले में तीन लाख से अधिक बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) के उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब डेढ़ लाख मोबाइल उपभोक्ता नेट का भी प्रयोग करते हैं। यह सामान्य दिनों में करीब नौ हजार जीबी डाटा उपयोग करते हैं, पर इस समय डाटा की खपत करीब 10 हजार जीबी है। उदाहरण स्वरूप जिले में लॉकडाउन से पूर्व व बाद डाटा खपत का तुलनात्मक विवरण देखा जा सकता है।

21 मार्च-8962 जीबी

6 अप्रैल-9843 जीबी

14 अप्रैल-9887 जीबी

  शीघ्र शुरू होगी फोर जी सेवा 

पूर्वांचल में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) शीघ्र फोर जी सेवा शुरू करने जा रहा है। गोरखपुर में बीएसएनएल के करीब तीन लाख से अधिक सिम धारक हैं। शीघ्र ही इनके भी स्मार्टफोन में फोर जी की स्पीड होगी। तमाम निजी कंपनियां पिछले तीन वर्षों से फोर जी की सेवा दे रही हैं। बीएसएनएल उपभोक्ताओं को यह कमी साल रही थी। ऐसे में फोर जी की सेवा उनके लिए बड़ी सौगात होगी। फोर जी सेवाओं को लेकर बीएसएनएल ने धीरे-धीरे अपनी तैयारी शुरू कर दी है। गोरखपुर महराजगंज जिले में हाईवे किनारे व गोरखपुर शहर के करीब 100 से अधिक  बेस ट्रांसमिशन स्टेशन (बीटीएस) जेडटीई कंपनी की ओर फोर जी सेवा के लिए लगाए जा चुके हैं। बीएसएनएल के लिए बीटीएस की जेडटीई और इरीक्शन कंपनी के द्वारा लगाया जाता है।

ऐसे मिलेगा लाभ

जिले में अभी भी तमाम बीएसएनएल उपभोक्ता हैं, जिनके पास टू जी अथवा थ्री जी सिम है। ऐसे में वह सेवा शुरू करने से पूर्व अपने सिम को फोर जी में परिवर्तित करा लें। ताकि उन्हें फोर जी सेवा का लाभ मिल सके।

Edited By: Pradeep Srivastava