विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gorakhpur News: बहन पर तेजाब फेंकने वाले युवक को भाइयों ने दी खौफनाक मौत, 12 साल से बदले की आग में जल रहे थे

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Published: Wed, 15 Nov 2023 08:41 AM (IST)

Gorakhpur Murder News 12 साल से बहन की हत्या के बदले के प्रतिशोध में जल रहे भाईयों ने आखिरकार युवक ...और पढ़ें

मृतक की फाइल फोटो व जेल में बंद हत्या के दोनों आरोपित। -जागरण
मृतक की फाइल फोटो व जेल में बंद हत्या के दोनों आरोपित। -जागरण

जागरण संवाददाता, सहजनवां (गोरखपुर)। गीडा के पिपरी गांव में दीपावली (रविवार) की रात प्रतिशोध में कोटेदार पुत्र की कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई। आरोपितों ने शव को बाइक पर लाद कर राप्ती नदी में फेंक दिया। कोटेदार ने गांव के रहने वाले तीन नामजद समेत सात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने सगे भाइयों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और बाइक बरामद कर ली है। पूछताछ में सगे भाइयों ने बताया कि 12 वर्ष पहले हुई बहन की हत्या का बदला लेने के लिए उन्होंने कोटेदार के पुत्र को मारा है। एसडीआरएफ की टीम राप्ती नदी में शव की तलाश कर रही है।

यह हुई घटना

गांव का उमेश चौहान रविवार की रात में अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदार को भोजन देने गया था। वहां से रात 9:30 बजे घर लौटा। पिता शंभू चौहान ने गीडा पुलिस को बताया कि अस्तपाल से लौटने के कुछ देर बाद उमेश के पास फोन आया। उसने बताया कि गांव के राजू ने बुलाया है मिलकर आ रहा हूं। कुछ देर बाद दूसरे व्यक्ति ने बताया कि गांव के सिकंदर व उपेंद्र उनके बेटे को मारने के लिए ढूंढ रहे हैं। अनहोनी की आशंका में उन्होंने उमेश के पास फोन किया तो घंटी जाने के बाद मोबाइल फोन बंद बताने लगा। इसके बाद परिवार संग खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। सोमवार भोर में गांव के पास नई कालोनी के नजदीक खून गिरा दिखा तो पुलिस को बताया।

एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि सिकंदर व उपेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उमेश को कुल्हाड़ी से काटकर मारने के बाद शव को राप्ती नदी में फेंक दिया है। 12 वर्ष पहले उसने एकतरफा प्रेम में बहन पूजा पर तेजाब फेंक दिया था, बचाने गया उपेंद्र भी झुलस गया था। उपचार के दौरान पूजा की मौत हो गई थी। इसका बदला लेने के लिए रविवार की रात में अपने भाई के साथ मिलकर उमेश की हत्या कर दी। मंगलवार को दोपहर बाद दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

आक्रोशित लोगों ने थानेदार को बनाया बंधक

मंगलवार दोपहर में गीडा थाना पुलिस आरोपित भाइयों को लेकर पिपरी गांव पहुंची। गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने थानेदार की गाड़ी में बैठे आरोपितों को घेर लिया। उमेश की पत्नी मंजू देवी भी पहुंच गई। उसका कहना था कि पुलिस आरोपितों को बचाने का प्रयास कर रही है। लापरवाही की वजह से अभी तक शव नहीं मिला। भीड़ से घिरने के बाद थानेदार ने 30 मिनट बाद आरोपितों को दूसरी गाड़ी से थाने भेजा।

शव को दो सौ मीटर घसीट कर ले गए आरोपित

नई कालोनी के पास उमेश की हत्या करने के बाद उपेंद्र व सिकंदर शव को 200 मीटर घसीट कर लेकर गए। इसके बाद कपड़ा में लपटने के बाद बाइक पर लाद कर नदी में ले जाकर फेंक दिया।

यह भी पढ़ें, Subrata Roy: एक कुर्सी व मेज के साथ सुब्रत राय ने रखी थी सहारा इंडिया की नींव, सपने बेचने में महारथी की यादगार कहानी

तीन बच्चों का पिता था

शंभू के दो बेटे सुरेश और उमेश थे, जिसमें उमेश की शादी आठ वर्ष पहले मंजू से हुई थी। मंजू और उमेश की एक बेटी और दो बेटे हैं, जिसमें बड़ी बेटी दिव्यांग है और एक बेटा तीन और दूसरा दो वर्ष का है।

पिता की मदद करता था उमेश

शंभू चौहान पिपरी गांव में कोटा की दुकान संचालित करते हैं। साथ ही क्षेत्र के साप्ताहिक बाजारों में साइकिल से ले जाकर कपड़ा बेचते हैं। बेटा उमेश भी पिता के साथ रहता था और उनकी मदद करता था।

यह भी पढ़ें, Gorakhpur News: किशोर की हत्या के बाद गांव में नहीं मनी दीपावली, लक्ष्मी पंडाल में सोते समय गोली मारकर की गई थी हत्या

हत्या करने के लिए 12 वर्ष में 10 बार बनाई योजना

उमेश चौहान ने 12 वर्ष पूर्व जिस युवती पर तेजाब फेंका था, उसमें उसका भाई उपेंद्र भी झुलस गया और इलाज के बाद भी चेहरा बिगड़ गया। इसके बाद उपेंद्र ने उमेश की हत्या की कसम खा ली थी। इस दौरान करीब 10 बार उमेश को मारने के लिए प्लान भी बनाया, लेकिन घटना को अंजाम नहीं दे सका। दीपावली के दिन मौका मिलते ही भाई के साथ मिलकर मार डाला।