गोरखपुर, जेएनएन। कैंपियरगंज इलाके के एक आश्रम में चौकीदार की पत्‍‌नी की हत्या के मामले में पुलिस को अपने नजरिए में आखिरकार बदलाव लाना पड़ा है। पहले पुलिस इस मामले में महिला के पति को ही न केवल संदिग्ध मान रही बल्कि अपनी सारी ऊर्जा उसके विरुद्ध सबूत जुटाने में लगाए हुई थी। उसकी इस कोशिश पर दैनिक जागरण के लगातार गंभीर सवाल उठाने के बाद पुलिस ने अब जाकर वैज्ञानिक आधार पर घटना की तफ्तीश शुरू की है।

80 से अधिक युवकों का लिया गया फिंगर प्रिंट

आश्रम के आसपास के गांवों के 80 से अधिक युवकों का फिंगर पि्रंट जुटाया है। इनका मिलान घटनास्थल पर लिए गए फिंगर प्रिंट से कराने की तैयारी चल रही है। पुलिस की यह कोशिश उसे वास्तविक अपराधियों तक पहुंचने में मददगार साबित होगी। जिन युवकों का फिंगर प्रिंट लिया गया है, घटना की रात वे कहीं न कहीं नए वर्ष स्वागत में आयोजित कार्यक्रम में शामिल थे। माना जा रहा है कि ऐसे ही किसी समारोह से निकले युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया था।

जन प्रतिनिधि के बेटे के घटना में शामिल होने की चर्चा

वक्त बीतने के साथ ही घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चा जन्म ले रही है। इन दिनों घटना में इलाके के एक जन प्रतिनिधि के बेटे के घटना में शामिल होने की चर्चा सरगर्म है। हालांकि उसका फिंगर प्रिंट नहीं लिया गया है।

ऐसे हुई थी हत्या

सिद्धार्थनगर जिले का रहन वाला युवक कैंपियरगंज कस्बे में दिन में ठेला चलाता था और रात में इलाके ही एक आश्रम में चौकीदारी करता था। पत्‍‌नी भी उसके साथ आश्रम में ही रहती थी। 31 दिसंबर की रात तीन युवक चहारदीवारी फांद कर आश्रम में आ गए। चौकीदार के मुताबिक मारपीट कर उसे घायल करने के बाद उन्होंने पत्‍‌नी के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उन्होंने पत्‍‌नी की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस शुरू से ही दुष्कर्म की बात से इन्कार करती रही है।

Posted By: Jagran

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