गोरखपुर, जेएनएन। फिल्म अभिनेता और सांसद रवि किशन का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में नशे का जहर घोलने वाले ड्रग माफिया नए बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। युवाओं को ड्रग्स के नर्क में झोंकने वाले ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज उठाई तो मुझे भी धमकियां सुनने को मिलीं। इतना ही नहीं एक वेबसीरीज और बड़ी हिंदी फिल्म का प्रोजेक्ट हाथ से निकल गया। मुझे उसमें मना कर दिया गया है, हालांकि मुझे इसका अंदाजा पहले से था। खैर, मैं इन सब बातों से अब डरने वाला नहीं हूं। 

ड्रग मंडली के खिलाफ उठाता रहुंगा आवाज 

रवि किशन ने कहा कि मैं सदन में फिल्म अभिनेता बनकर वहां की शोभा बढ़ाने नहीं गया हूं, आम जनता की आवाज बनकर गया हूं और उसे उठाउंगा। बालीबुड की ड्रग मंडली एवं युवाओं को ड्रग के नर्क में झोक रही है। बालीबुड की ड्रग मंडली के खिलाफ मैं आवाज उठाता रहूंगा। 

धमकियों से मैं डरने वाला नहीं, ड्रग के धंधे के मास्टरमाइंड का पर्दाफाश होना चाहिए

गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने यह बातें गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री से मुलाकात के बात बाहर निकलने पर पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि उनके पास फोन आते रहे। उनसे कहा गया कि अब वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं। रवि किशन ने कहा कि उन्हें इन बड़े प्रोजेक्ट के हाथ से जाने का कोई अफसोस नहीं है क्योंकि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और देश के युवाओं के भविष्य को लेकर आवाज उठाई है।

सवाल उठाया, इस धंधे का कौन है मास्‍टरमाइंड 

इस ड्रग्स के धंधे का मास्टरमाइंड कौन है? कहां से है? इसको फाइनेंस कौन करता है? यह सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। इस गिरोह को चलाने वाला सरगना पकड़ा जाना चाहिए। रवि किशन ने कहा कि मुलाकात के दौरान उन्होंने फिल्म सिटी के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। 17-18 साल से मैं इसके लिए प्रयास कर रहा था।

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