गोरखपुर, जागरण संवाददाता : देवरिया जिले में भाई की पत्नी की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने भसुर व देवर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को 20-20 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। न्यायालय ने पीएसी जवान पति को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। दोषी पाए गए रुद्रपुर थाना क्षेत्र के कन्हौली के रहने वाले दोनों भाइयों गुलाब पासी व हरिश्चंद्र पासी को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।

कोलुआ निवासी लालचंद ने कन्हौली के श्रीकांत से की थी बेटी की शादी

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेश्वर प्रसाद ने बताया कि रुद्रपुर थाना क्षेत्र के श्रीनगर कोलुआ निवासी लालचंद ने अपनी पुत्री की शादी कन्हौली निवासी श्रीकांत पासी के साथ की थी। शादी के बाद श्रीकांत पासी पीएसी में भर्ती हो गया। भर्ती होने के बाद वह अपनी पत्नी मंती देवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। दहेज न मिलने पर मंती देवी को मारपीट कर घर से भगा दिया। पूर्व योजना के तहत श्रीकांत पासी के भाई गुलाब पासी व हरिश्चंद्र पासी 16 फरवरी 2000 को मंती देवी को बुलाने उसके मायके गए। धोखे से बुलाकर उसके पति से बात कराने के लिए रुद्रपुर ले गए। देर रात तक जब मंती देवी घर वापस नहीं आई तो मंती देवी के पिता लालचंद बेटी के ससुराल पहुंच गए। वहां जाने पर मंती देवी नहीं मिली।

मंती देवी का शव मिला था गेहूं के खेत में

दूसरे दिन सुबह मंती देवी का शव लोटन पासी के गेहूं के खेत में मिला। मंती देवी की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। लालचंद की सूचना पर थाना रुद्रपुर में पति श्रीकांत पासी, भसुर गुलाब पासी व देवर हरिश्चंद्र पासी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। तर्कों व साक्ष्यों का अवलोकन के पश्चात न्यायालय ने पाया कि घटना के समय श्रीकांत पासी पीएसी में ड्यूटी पर था। ऐसे में हत्या करने में उसकी संलिप्तता नहीं पाए जाने पर उसे दोषमुक्त करार दिया। भसुर गुलाब पासी व देवर हरिश्चंद्र पासी हत्या में दोषी पाए गए।

Edited By: Rahul Srivastava