गोरखपुर, जागरण संवाददाता। भारत गौरव ट्रेन को किराए पर लेकर चलाने के लिए मोटी रकम खर्च करनी होगी। गोरखपुर से एलटीटी के बीच 20 दिन के लिए 20 कोच की ट्रेन चलाने में तीन करोड़ से अधिक का खर्च आएगा। आवेदनकर्ता को प्रशासन से दो साल के लीज पर 14 से 20 कोच लेने होंगे। दो वर्ष के लिए एक बार में एक करोड़ रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। इस ट्रेन में आयु पूरी कर चुके पुराने कोच ही मुहैया कराए जाएंगे। मांग पर ल‍िंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच दिए जा सकते हैं। फिलहाल ट्रेन के संचालन या कोचों को लीज पर लेने के लिए अभी तक एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

ट्रेन चलाने और कोचों को लीज पर देने के लिए रेलवे ने जारी किया भारत गौरव ट्रेन पोर्टल

भारत गौरव ट्रेन का संचालन करने के लिए व्यक्ति या संस्था को आनलाइन आवेदन करना होगा। बोर्ड ने इंडियन रेलवे की वेबसाइट पर भारत गौरव ट्रेन नाम से पोर्टल जारी कर दिया है। फिलहाल, बोर्ड से लौटने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने इस ट्रेन के प्रति जन सहभागिता बढ़ाने को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बैठक कर बिजनेस डवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) को प्रचार-प्रसार और लोगों को जोडऩे की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।

जन भागीदारी बढ़ाने के लिए रेलवे प्रशासन स्तर पर मंथन जारी

ट्रेनों के संचालन में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रेल मंत्रालय ने देशभर के धार्मिक और पर्यटक स्थलों के बीच भारत गौरव ट्रेन चलाने की योजना तैयार की है। यह ट्रेन इंडियन रेलवे कैटङ्क्षरग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आइआरसीटीसी) की भारत दर्शन यात्रा ट्रेन की तर्ज पर चलाई जाएगी। रेल लाइन, लोको पायलट और गार्ड तो रेलवे के होंगे। लेकिन कोच और संचालन के अलावा अन्य जिम्मेदारी व्यक्ति या संस्था की होगी।

ट्रेन चलाने के लिए ऐसे जमा करने होंगे पैसे

रेक सिक्योरिटी डिपाजिट : एक करोड़ रुपये

राइट टू यूज में कोच खर्च : 3761004 रुपये

(एसी 3, एसी 2 के छह-छह कोच व एसएलआर दो व एक पैंट्रीकार लगाने पर)

स्टेबलिंग चार्ज पहले 100 दिन : एक लाख

अगले 50 दिन तक : 425000

फिक्स हैंडिल चार्ज : 25294606

वैरिएबल हैंडल चार्ज: 3703160

कुल खर्च : 33283770 रुपये

थीम आधारित भारत गौरव ट्रेन के संचालन, पंजीकरण एवं रेक आवंटन के लिए BHARAT GAURAV TRAINS के नाम से पोर्टल जारी किया गया है। जन भागीदारी बढ़ाने के क्रम में इस योजना को आरंभ किया गया है। कोई भी इच्‍छुक व्यक्ति अथवा संस्था इसका लाभ उठा सकते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे की बीडीयू टीम इस योजना को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित लोगों के साथ संवाद स्थापित कर रही है। - पंकज कुमार स‍िंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे।

Edited By: Pradeep Srivastava