बेटियों का संवरेगा भविष्य, कस्तूरबा विद्यालयों को गोद लेंगे बीईओ

देवरिया: जिले की कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्रों का भविष्य संवारने की नई पहल की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एक-एक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को गोद लेंगे और नोडल अधिकारी बनकर विद्यालयों को संतृप्त कराएंगे। इसकी कार्ययोजना भी अधिकारियों ने तैयार कर ली है।

जिले के 16 विकास खंडों में से 13 विकास खंडों में छात्राओं के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय है। जबकि तीन विद्यालयों में विद्यालय खोलने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। हर विद्यालय में 100 छात्राओं के पढ़ाने का मानक रखा गया है। अब इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित करने की व्यवस्था भी होगी। इसके लिए नीति आयोग ने बजट आवंटित किया है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। विद्यालय खुल गए हैं और पढ़ाई भी होने लगी है। खंड शिक्षा अधिकारी के विद्यालय गोद लेने के बाद माह में दो बार बीईओ की अध्यक्षता में वार्डन की बैठक होगी। इस दौरान विद्यालयों में कमियों को कैसे दूर करें? इस पर विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।

बैतालपुर में स्मार्ट क्लास शुरू

अत्याधुनिक सुविधाओं से कस्तूरबा विद्यालयों को भी लैस किया जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के सहयोग से बैतालपुर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में स्मार्ट क्लास संचालित हो गया है। अन्य 12 विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास संचालित करने का खाका तैयार किया जा रहा है।

38 बिंदुओं पर विद्यालय को किया जाएगा संतृप्त

प्रेरणा पोर्टल पर मौजूद सभी 38 बिंदुओं पर विद्यालयों को संतृप्त किया जाएगा। छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजी जाएगी। इससे वह जूता-मोजा, बैग व यूनीफार्म समेत अन्य सामानों की खरीदारी करेंगी।

खंड शिक्षा अधिकारी एक-एक विद्यालयों को गोद लेंगे। इसका खाका तैयार कर लिया जाएगा। पठन-पाठन की व्यवस्था में सुधार कराने की गाइडलाइन महानिदेशक ने जारी की है। इस पर अमल कराया जा रहा है।

संतोष कुमार राय, बीएसए, देवरिया

Edited By: Jagran