'प्रतिबंधित मांझे ने छीनी रमेश की जिंदगी, परिवार के बिखरे सपने', गोरखपुर में पतंगबाज की तलाश
गोरखपुर में प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से रमेश कन्नौजिया की मौत हो गई, जिससे उनका परिवार सदमे में ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
गोरखपुर में प्रतिबंधित मांझे से रमेश कन्नौजिया की मौत।
पुलिस ने छह संदिग्धों को हिरासत में लिया, जांच जारी।
परिवार सदमे में, पतंगबाज की तलाश में जुटी पुलिस।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रतिबंधित मांझे की धार ने रमेश कन्नौजिया की जिंदगी छीन ली और उनके परिवार के सपने बिखेर दिए। पत्नी, दो मासूम बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को बेसहारा छोड़ने वाली इस घटना में पुलिस अब मांझे की बिक्री से लेकर उसे इस्तेमाल करने वाले पतंगबाज तक पहुंचने में जुटी है। पत्नी की तहरीर पर तिवारीपुर थाने में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, प्रतिबंधित मांझे की बिक्री के खिलाफ अभियान के दौरान रविवार को भी 370 स्थानों पर जांच की गई।
माधोपुर न्यू कालोनी निवासी रमेश कन्नौजिया शनिवार को मोपेड से जा सामान की आपूर्ति देने रहे थे। इलाहीबाग के पास प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन कट गई। गंभीर रूप से घायल रमेश को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बेटे के सहारे बुजुर्ग माता-पिता का बुढ़ापा कट रहा था, जिस पति के साथ पत्नी ने भविष्य के सपने देखे थे और जिस पिता के साये में दो बच्चे पल रहे थे, वह अब इस दुनिया में नहीं है।
जांच में पुलिस को आशंका है कि कुछ लोग सीधे दुकानों पर मांझा बेचने के बजाय दूसरे माध्यमों से इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। ऑनलाइन बिक्री और गोदामों से आपूर्ति किए जाने की आशंका को भी ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। दो से तीन संदिग्धों की भूमिका की जांच करते हुए पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। हालांकि, इनकी संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि रमेश की गर्दन काटने वाला प्रतिबंधित मांझा किसने इस्तेमाल किया था। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि तिवारीपुर में हुई घटना में शामिल आरोपित की तलाश चल रही है। पूछताछ के लिए छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। रविवार को भी जिले में अभियान चलाकर 370 दुकानों पर जांच की गई लेकिन कहीं पर प्रतिबंधित मांझा नहीं मिला।
