गोरखपुर/सिद्धार्थनगर, जेएनएन। श्री सिंहेश्‍वरी देवी मंदिर के महंत त्रिवेणी दास वेदांती की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत की जांच अब एएसपी मायाराम वर्मा करेंगे। उन्हें यह जांच पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने सौंपी है। वहीं स्थानीय अभिसूचना विभाग को भी अलर्ट किया गया है।

एसपी से मिले महंत के शिष्य व श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया था कि 11 जुलाई की सुबह करीब साढ़े पांच बजे संदिग्ध परिस्थितियों में महंत त्रिवेणी दास वेदांती की मौत हो गई थी। उस रात महंत अपने दो शिष्यों के साथ कमरे में सोए थे। महंत त्रिवेणी दास उसी दिन मंदिर विवाद प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जाने वाले थे। मंदिर और करीब 60 बीघा बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके थे।

- पुलिस पूरे मामले की नए सिरे से जांच करेगी। जांच के लिए एएसपी को निर्देशित कर दिया गया है। अगर किसी प्रकार साजिश संज्ञान में मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डा. धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक

11 जुलाई को ही अयोध्या स्थित महंत के मंदिर पर हुआ था कब्जा का प्रयास

महंत की मौत के बाद अयोध्या के जानकी घाट मोहल्ला में स्थित उनके सीता निवास मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। सूत्रों के मुताबिक महंत के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए अयोध्या से कई संत पहुंचे थे। इसी दौरान दिगंबर अखाड़ा से जुड़े सीता निवास मंदिर का ताला तोड़ दिया गया। इस मंदिर के भी महंत त्रिवेणी दास वेदांती थे।

अयोध्या के ददिया मंदिर के महंत गिरीश दास व श्रीराम वल्लभ कुंज के ट्रस्ट मैनेजर श्रीराम चंद्र दास ने अयोध्या कोतवाली को सूचना दी थी। एसओ कोतवाली अयोध्या जगदीश उपाध्याय ने बताया कि मंदिर पर कब्जा करने के प्रयास की शिकायत मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच दो लोगों को हिरासत में भी लिया था। उनका चालान किया जा चुका है। सीता निवास मंदिर में सुरक्षा को देखते हुए दो आरक्षियों को तैनात कर दिया गया है।

Posted By: Pradeep Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस