गोरखपुर में बेटी की शादी और कर्ज की उम्मीद डूबी, बाढ़ ने उजाड़ दी किसानों की सब्जी की खेती
आमी नदी का जलस्तर बढ़ने से गोरखपुर के पिपरौली ब्लाक में किसानों की पचासों बीघा सब्जी की फसलें डूब गईं। ...और पढ़ें
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HighLights
आमी नदी के जलस्तर से पिपरौली में फसलें जलमग्न।
किसानों को लाखों का नुकसान, कर्ज का बोझ बढ़ा।
बेटी की शादी और परिवार की जरूरतें प्रभावित हुईं।
संवाद सूत्र, पिपरौली। आमी नदी का जलस्तर बढ़ने से पिपरौली ब्लाक के दक्षिणांचल में किसानों की मेहनत पानी में डूब गई। कैली, गाडर, बेलवाडाड़ी, कटका, कोल्हुई और बनौड़ा गांवों में पचासों बीघा सब्जी की फसल जलमग्न हो गई है। सड़क के पश्चिम तरफ खेत पूरी तरह डूब चुके हैं, जबकि पानी अब पूरब दिशा की फसलों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर से किसानों को और नुकसान की आशंका है।
किसानों ने महंगे बीज और खाद खरीदकर फसल तैयार की थी। कैली के नेबुलाल ने दो बीघे में मक्का बोई थी। बाढ़ में पूरी फसल नष्ट हो गई। करीब डेढ़ लाख रुपये के नुकसान की बात कही। श्यामधनी की गोभी का बीज खेत में ही गल गया, जिससे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ। गाडर के राम सेवक ने बताया कि सवा लाख रुपये उधार लेकर पालक और गोभी की खेती की थी।
फसल बेचकर कर्ज चुकाने और घर का खर्च निकालने की उम्मीद थी, लेकिन पानी ने पूरी उम्मीद खत्म कर दी। कैली के अदालती ने बेटी की शादी के लिए शिगरा गोभी की खेती की थी। करीब पांच लाख रुपये से अधिक के नुकसान से अब शादी की तैयारी भी चिंता में बदल गई है। राजेश निषाद ने ढाई लाख रुपये लगाकर गोभी, मक्का, तोरई और पालक बोया था।
फसल तैयार होती तो छह लाख रुपये से अधिक मिलते, अब कम से कम एक माह तक खेत में दोबारा खेती मुश्किल है। किसानों के लिए यह सिर्फ फसल का नुकसान नहीं, बल्कि कर्ज, परिवार की जरूरत और बेटी की शादी जैसे सपनों के डूबने का संकट है।
