गोरखपुर एम्स में जल्द शुरू होगी जेनेटिक लैब, आनुवांशिक रोगों की पहचान
गोरखपुर एम्स में जल्द ही जेनेटिक लैब शुरू होगी, जिससे रोगियों को आनुवांशिक बीमारियों की अत्याधुनिक जांच की सुविधा स्थानीय ...और पढ़ें

गोरखपुर एम्स। जागरण
HighLights
गोरखपुर एम्स में जेनेटिक लैब जल्द होगी शुरू।
आनुवांशिक बीमारियों की स्थानीय स्तर पर होगी जांच।
सितंबर तक लैब के प्रारंभ होने की संभावना है।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स में जल्द ही जेनेटिक (आनुवांशिक) लैब की सुविधा शुरू होने जा रही है। लैब तैयार होने के बाद रोगियों को आनुवांशिक बीमारियों की अत्याधुनिक जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी। इससे बीमारियों की समय से पहचान कर उपचार की प्रभावी योजना बनाने में मदद मिलेगी।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक की पहल पर जेनेटिक लैब को मंजूरी मिली है। अभी आनुवांशिक जांच के लिए रोगियों को लखनऊ, दिल्ली या अन्य निजी संस्थानों का रुख करना पड़ता है।
जेनेटिक लैब में कैरियोटाइपिंग, डीएनए टेस्टिंग, जीन सीक्वेंसिंग, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस), पीसीआर और फिश जैसी आधुनिक जांच की सुविधा होगी। इनके माध्यम से डाउन सिंड्रोम, सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, जन्मजात विकार, बांझपन, बार-बार गर्भपात और विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़ी आनुवांशिक बीमारियों की पहचान की जा सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान भ्रूण में संभावित आनुवांशिक विकारों की पहचान भी जांच के माध्यम से संभव है। वहीं, नवजात में जन्मजात बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता चलने से समय रहते उपचार शुरू किया जा सकेगा। जेनेटिक लैब में पीसीआर मशीन, डीएनए सीक्वेंसर, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसर और फ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोप सहित आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। मशीनें जल्द ही स्थापित कर दी जाएंगी। सितंबर में लैब के प्रारंभ होने की संभावना है।
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कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डा. विभा दत्ता ने कहा कि जल्द ही रोगियों की सुविधा के लिए जेनेटिक लैब बनाई जा रही है। इसके शुरू होने से आनुवांशिक बीमारियों की समय से पहचान हो सकेगी। इससे समय रहते उपचार की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
