गोरखपुर, जागरण संवाददाता। अफ्रीका व आस्ट्रिया में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। विदेश से आने वालों पर नजर रखी जा रही है। खाड़ी देशों से आए 39 लोगों की एंटीजन व रीयल टाइम पालीमरेज चेन रियेक्शन (आरटीपीसीआर) जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर विभाग ने राहत की सांस ली है।

गोरखपुर के 12 व देवरिया के सात लोगों की हुई जांच

कुवैत, दुबई व सऊदी अरब आदि से आए सभी यात्री एयरपोर्ट पर उतरे थे। इनमें गोरखपुर के 12 व देवरिया के आठ यात्री हैं। बिहार के गोपालगंज के छह, सिवान के तीन, महराजगंज के दो, कुशीनगर के तीन, संतकबीरनगर के दो, बलिया, बस्ती व सिद्धार्थनगर के एक-एक यात्री हैं। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि सभी को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

जीनोम सिक्वेंस‍िंग के लिए नहीं लिया गया नेपाल से लौटे संक्रमित का नमूना

कोरोना संक्रमण की जांच को लेकर जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। नेपाल से लौटे सिद्धार्थनगर निवासी युवक के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने न तो उसका जीनोम सिक्वेंस‍िंग के लिए नमूना लिया और न ही रीयल टाइम पालीमरेज चेन रिक्येक्शन (आरटीपीसीआर) जांच कराने की कोशिश की। जबकि इसके लिए चार दिन पूर्व ही शासन ने वीडियो कांफ्रेंस‍िंग में निर्देश दे दिया था।

सिद्धार्थ नगर के बांसी का रहने वाला 30 वर्षीय युवक नेपाल में हलवाई का काम करता है। 15 दिन पूर्व वह नेपाल गया था। पेट दर्द होने पर घर लौटा था। उसे खून की उल्टियां होने लगीं। स्वजन से उसे लेकर यहां जिला अस्पताल आए। स्थिति गंभीर देख डाक्टर ने भर्ती करने को कहा। भर्ती होने के पूर्व एंटीजन जांच कराई गई तो रिपोर्ट पाजिटिव आई। डाक्टर ने बीआरडी मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन वह मेडिकल कालेज पहुंचा नहीं और घर चला गया।

हर कोविड पाजिटिव की होगी जीनोम सिक्वेंस‍िंग

हर कोविड संक्रमित की अब जीनोम सिक्वेंस‍िंग कराई जाएगी। साथ ही एंटीजन जांच में पाजिटिव आने के बाद भी उसकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। नए वैरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है।

विभागों में मोबाइल वैन भेजकर कराई जा रही जांच

कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। सचल टीमें बनाई गई हैं, जो विभिन्न विभागों में जाकर जांच कर रही हैं।

युवक को बीआरडी मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया था, वह वहां न जाकर घर चला गया। मेडिकल कालेज पहुंचा होता तो वहां आरटीपीसीआर व जीनोम सिक्वेंस‍िंग के लिए नमूने लिए गए होते। सिद्धार्थ नगर के स्वास्थ्य विभाग से बात की गई है। उसका नमूना लेकर जीनोम सिक्वेंस‍िंग के लिए केजीएमयू भेजा जाएगा। आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाएगी। - डा. सुधाकर पांडेय सीएमओ।

Edited By: Pradeep Srivastava