गोरखपुर, जेएनएन। सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर किसी भी तरह की भ्रामक, अपुष्ट या गलत सूचना प्रसारित करने वालों से प्रशासन सख्ती के साथ निपटेगा। वायरस से बचाव को लेकर बढ़ाई गई सतर्कता के बीच जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह रोकने के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। सूचना विभाग ने सभी ग्रुप एडमिन से अनुरोध किया है कि वह अपने-अपने ग्रुप में पडऩे वाली सूचनाओं पर नजर रखें। संभव हो तो ग्रुप का नियंत्रण अपने हाथ में ले लें जिससे अफवाहों के प्रसारण पर कड़ाई से नियंत्रण किया जा सके। अफवाह की स्थिति में ग्रुप एडमिन की ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।

अलग से गठित हुई टीम

कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए अलग से टीम गठित की गई है। एसएसपी डा. सुनील गुप्त ने अफवाह फैलाने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने लोगों से इस आपदा से निपटने में हर तरह से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

आपात स्थिति मेें एक कॉल पर मदद के लिए पहुंचेगी यातायात पुलिस

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन लागू कर लोगों को घर से निकलने पर रोक लगी हुई है। ऐसी स्थिति में यदि किसी परिवार में कोई बीमार पड़ जाता है या अन्य किसी तरह की इमरजेंसी आती है तो एक फोन काल पर यातायात पुलिस तत्काल मदद में पहुंचेगी। इसके लिए पुलिस ने इमरजेंसी नंबर 6900005277 जारी किया है। इस मोबाइल नंबर पर कोई भी कभी भी फोन कर मदद मांग सकता है।

संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश के कई शहरों में लॉक डाउन लागू कर दिया है। इसमें गोरखपुर भी शामिल है। लॉक डाउन की स्थिति में लोगों के घर से निकलने पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। कोई इमरजेंसी आने पर प्रदेश सरकार ने पुलिस को मदद करने का निर्देश दिया है। गोरखपुर में इसकी जिम्मेदारी यातायात पुलिस को दी गई है। एसपी यातायात आदित्य प्रकाश वर्मा ने बताय कि कोई व्यक्ति बीमार है या अन्य किसी मुश्किल में है तो फोन करते ही पुलिस उसकी मदद में पहुंचेगी। बीमार को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन भी उपलब्ध कराएगी। मोबाइल नंबर 6900005277 पर मदद के लिए कभी भी फोन किया जा सकता है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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