गोरखपुर, जागरण संवाददाता। एक समय अफ्रीका में कहर मचाने वाली पशुओं की बीमारी लंपी स्किल डिजीज ने बस्ती जिले में दस्‍तक दे दी है। अब तक 800 पशु इसकी चपेट में आ चुके हैं। जिले के बनकटी और कुदरहा ब्लाक के दो दर्जन गांवों में इसका संक्रमण दुघारू पशुओं में देखा गया है। बस्ती में लंपी स्किन डिजीज के मामले मिलते ही पशुपालन महकमा सतर्क हो गया है। वायरस जनित इस बीमारी से अधिकांश पशुपालक भी अंजान हैं।

बीमारी को कहा जाता है पशुओं का चचेक

पशुओ का चेचक कही जाने वाले बीमारी लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित बनकटी विकास खंड के नौना गांव से पशुपालन विभाग ने बुधवार को पांच नमूने लेकर उसे इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली भेजा है। जिससे रोग की पूरी तरह पुष्टि हो सके। विभागीय कर्मियों के अनुसार बनकटी और कुदरहा ब्लाक के दो दर्जन गांवों के अनेक दुधारू पशुओं में लंपी स्किन डिजीज पाया गया है।

प्रभावित पशुओं के उपचार में जुटी पशु चिकित्‍सकों की टीेम

प्रभावित भिखारीजोत, कड़सरी गौतम, कुसम्ही, मेहनौना, कड़सरी, रामपुर, गाना, हथियांव, टिउठा, जनवल, लोनहा, कम्हरिया आदि गांवों में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. जीवन लाल, राजकीय पशु अस्पताल चंगेरवा के चिकित्साधिकारी डा. अजय कुमार वरुण, बनकटी के डा. प्रशांत कुमार अपनी टीम के साथ प्रभावित गांवो में लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित पशुओं का इलाज कर रहे हैं।

लंपी स्किन डिजीज के लक्षण

अधिकतर गाय और भैंस में ही लंपी स्किन डिजीज का शिकार होती हैं। इस संक्रामक रोग से ग्रसित पशुओं के पूरे शरीर पर चेचक की तरह फफोले पड़ जाते हैं। पशुओं को लगातार बुखार रहता है। इलाज न होने पर फफोले घाव बना लेते हैं और बाद में पशुओं की मौत हो जाती है। यह बीमारी वायरस जनित है, पशुओं में इसका संक्रमण तेजी से फैलता है।

निदेशालय से आएगी टीम

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अश्वनी कुमार तिवारी ने बताया कि अब तक लगभग दो दर्जन गांवों में लंपी स्किन डिजीज के मामले पाए गए है। आठ सौ पशु भी इससे प्रभावित हैं। निदेशालय स्तर से एक विशेषज्ञों की टीम बस्ती भेजी जा रही है जो प्रभावित गांवों का दौरा करेगी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi