गोरखपुर, जागरण संवाददाता : असलहा रखने के नियमों में हुए संशोधन के चलते महराजगंज के सांसद व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह समेत जिले के 43 असलहा लाइसेंस धारकों को अपना तीसरा असलहा सरेंडर करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने सभी का तीसरा असलहा अवैध घोषित कर उसको सरेंडर करने की नोटिस जारी की है। बताते चलें कि शासन द्वारा बीते माह एक व्यक्ति द्वारा तीन असलहा रखने पर पाबंदी लगा दी थी, जिसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर एक-एक असलहा सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

शासनादेश के मुताबिक छह माह पहले ही अवैध हो गया तीसरा शस्‍त्र

महराजगंज के शस्त्र सहायक श्रीनाथ धर दुबे ने बताया कि जिन लोगों ने अपने नाम लाइसेंस पर तीन शस्त्र ले रखें हैं, उनका एक शस्त्र छह माह पूर्व ही शासनादेश के तहत अवैध हो गया हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उनके भतीजे राहुल चौधरी, पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह, पूर्व विधायक विनोद मणि त्रिपाठी, फरेंदा के पूर्व प्रमुख रामप्रकाश सिंह, मिठौरा के पूर्व प्रमुख रणजीत बहादुर सिंह, अंकित सिंह, अखंड प्रताप मल्ल , कृष्णकांत सिंह, श्रीप्रकाश सिंह, कृष्णप्रिया सिंह, तुलिका सिंह, हरपुर महंत के प्रेमनाथ गिरी, सैयद अरशद, अनिल कुमार सिंह, चंद्रजीत भारती, धीरेंद्र प्रताप सिंह, शराफत अली, मुन्ना पांडेय, मानवेंद्र सिंह, सत्यसेन सिंह, विनोद कुमार त्रिपाठी, दीपचंद्र श्रीवास्तव, चंद्रशेखर पाल, देवेंद्र कुमार तिवारी सहित 43 लोगों को असलहा जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

तय सीमा में असलहा सरेंडर न करने वालों पर होगी कार्रवाई

डीएम डा. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि जिले में जिन लोगों को तीन-तीन असलहा निर्गत था, उन्हें एक असलहा सरेंडर करने की नोटिस दी गई है। तय समय सीमा के अंदर असलहा सरेंडर न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जमा करा दिया गया है शस्‍त्र

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि नए नियमों के मुताबिक शस्त्र जमा करा दिया गया है। शीघ्र ही उससे जुड़ा पत्र संबंधित विभाग में भेज दिया जाएगा। पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के नए नियम के अनुसार अब कोई तीन शस्त्र नहीं रख सकता है। इसलिए मैंने संबंधित अधिकारियों को अपने एक शस्त्र को सरेंडर करने के लिए आवेदन दिया है। स्वीकृति मिलते ही नजदीकी थाना में शस्त्र को जमा करा देंगे।

Edited By: Rahul Srivastava