गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे रूट पर 28 ट्रेनें बदले हुए समय से चलेंगी। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार हाथियों व जंगली जानवरों की सुरक्षा व अन्य परिचालनिक कठिनाइयों के चलते कुछ रूटों पर चलने वाली ट्रेनें एक अक्टूबर से बदले हुए समय से चलेंगी। ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किया गया है। जिसमें गोरखपुर से बनकर व गुजरने वाली कुछ ट्रेनें भी शामिल हैं।

इन ट्रेनों का बदला समय

03019 हावड़ा-काठगोदाम बाघ स्पेशल वर्तमान समय सुबह 09.00 बजे की जगह 09.25 बजे पहुुंचेगी।

05028 गोरखपुर-हटिया मौर्य स्पेशल गोरखपुर से वर्तमान समय सुबह 07.25 बजे के स्थान पर 07.20 बजे प्रस्थान करेगी।

05048 गोरखपुर- कोलकाता पूर्वांचल स्पेशल गोरखपुर से वर्तमान समय पूर्वाह्न 11.30 बजे के स्थान पर 11.25 बजे प्रस्थान करेगी।

05022 गोरखपुर-शालीमार गोरखपुर से वर्तमान समय अपराह्न 01.50 बजे के स्थान पर 01.40 बजे प्रस्थान करेगी।

05034 बढ़नी- गोरखपुर बढ़नी से वर्तमान समय अपराह्न 03.20 बजे के स्थान पर 03.00 बजे प्रस्थान करेगी।

रेलवे स्टेशन प्रबंधन को उपलब्ध कराया व्हीलचेयर

इनरव्हील क्लब आफ गोरखपुर होराइजन की अध्यक्ष अल्पना जैन ने गुरुवार को जरूरतमंदों एवं बुजुर्गों की मदद के ल‍िए रेलवे स्टेशन प्रबंधन को व्हीलचेयर प्रदान किया। संस्था की सचिव स्वाति गोयल ने बताया कि व्हीलचेयर से उन लोगाें को सहूलियत मिलेगी जिन्हें चलने में तकलीफ होती है। इस मौके गरिमा अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, अर्चना जैन, प्रतिमा अग्रवाल, रूपम गुप्ता आदि मौजूद रहीं।

रेलवे अस्पताल में दशहरे बाद मिलेगी दस बेड के इमरजेंसी की सौगात

रेलकर्मियों और उनके स्वजन के लिए राहत भरी खबर है। ललित नारायण मिश्र केंद्रीय रेलवे अस्पताल, गोरखपुर में अब इमरजेंसी में भर्ती होने पर उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे प्रशासन ने मरीजों की सुविधा के लिए दस बेड का अति आधुनिक इमरजेंसी भवन तैयार कर रहा है। दशहरा के बाद इस भवन का लोकार्पण हो जाएगा। नए इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं मुहैया होंगी। सभी बेड पर वेंटिलेटर की भी व्यवस्था रहेगी। ताकि, आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को आक्सीजन भी दी जा सके। इसके लिए रेलवे अस्पताल में आक्सीजन प्लांट भी लग चुका है।

जानकारों के अनुसार रेलवे अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्था तो है, लेकिन वह बदहाल हो रहा है। यहां जान लें कि रेलवे अस्पतालों में हास्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम (एचएमआइएस) लागू हो गया है। रेलकर्मियों को उम्मीद कार्ड पर चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगी हैं। उन्हें हाथ में चिकित्सक की पर्ची और जांच रिपोर्ट लेकर अस्पताल नहीं पहुंचना पड़ रहा है। वैसे भी रेलवे अस्पतालों को पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप (पीपीपी माडल) पर विकसित करने की तैयारी चल रही है। अस्पतालों में बाहरी का भी इलाज हो सकेगा।

Edited By: Pradeep Srivastava