- मधुमेह के विभिन्न आयामों पर तैयार किए गए पोस्टरों के साथ 120 मेडिकल छात्र देंगे जानकारी

- विश्व मधुमेह दिवस पर होगा आयोजन, चिकित्सकों के साथ आम जनता व बच्चे भी आमंत्रित

जागरण संवाददाता, गोरखपुर

मधुमेह का इतिहास हो या बीमारी के इलाज को लेकर चरक व सुश्रुत जैसे आदि चिकित्सकों का नुस्खा, आज के दौर में मधुमेह के इलाज में प्रयोग की जाने वाली अत्याधुनिक दवाएं हो या इंसुलिन,यहां आपको हर जानकारी मिलेगी। विश्व मधुमेह दिवस चौदह नवंबर पर गोरखपुर मेडिकल कालेज में मधुमेह पर अपनी तरह का अनूठा आयोजन होने जा रहा है। यहां एक सौ बीस मेडिकल छात्र खुद द्वारा बीमारी के हर पहलू पर तैयार किए गए पोस्टर के साथ मौजूद रहेंगे। चालीस पोस्टरों के साथ उपस्थित ये मेडिकल छात्र मधुमेह के कारण, लक्षण, बचाव, इलाज से लेकर बीमारी का हृदय, किडनी, आंखों आदि अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव, इंसुलिन के असर व उसके प्रकार पर आम जनता द्वारा पूछे गए हर सवाल का जवाब देंगे।

इस अवसर पर मेडिकल कालेज के साथ ही महानगर के सभी चिकित्सक आमंत्रित किए गए हैं। यह चिकित्सक जज की भूमिका में रहेंगे। सभी पोस्टरों पर अपनी तरफ से अंक देंगे। आखिर में इन सभी अंकों को जोड़कर नौ सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों का चयन किया जाएगा। जो प्रमुख पोस्टर तैयार किए गए हैं उनमें मधुमेह के हर पहलू पर जानकारियां शामिल हैं। मसलन मधुमेह को कैसे जाने व पहचाने, क्यों होता है, कारण, लक्षण, बचाव व इलाज। मधुमेह पीड़ित का भोजन कैसा हो, मधुमेह में योग व व्यायाम का महत्व, वर्षो से प्रचलित दवाएं, मुंह से लेने वाली दवाएं कितनी असरदार हैं व उनका साइड इफेक्ट, इंसुलिन कब व कैसे लेना चाहिए कब नहीं। इंसुलिन के प्रकार व उसका असर। एक पोस्टर में यह भी दिखाया जाएगा कि ऐसे मरीज जिनका इंसुलिन बढ़ाने पर भी फास्टिंग शुगर बढ़ता जा रहा है, उसका कारण व इलाज। ग्लूकोमीटर के बारे में तुलनात्मक जानकारी। शुगर जांच की नई विधियां। शुगर को नियंत्रित करने के तरीकों से जुड़ा भी पोस्टर प्रदर्शित होगा। दवाएं, इंसुलिन व व्यायाम में से कौन अधिक कारगर या एक साथ मिलाकर असर कितना है। एक पोस्टर में ऐसी अत्याधुनिक दवाओं के बारे में जानकारी होगी जिनके लेने से ब्लड शुगर खतरनाक हद तक नहीं घटता। इंसुलिन का निष्प्रभावी या रजिस्टेंट होना। मधुमेह का हृदय, किडनी, नसों, आंखों आदि अंगों पर दुष्प्रभाव। मधुमेह पीड़ित में नाक-कान-गले की बीमारियां। हार्ट अटैक से बचाव व उसका प्राथमिक उपचार। उच्च रक्तचाप, रक्त वसा को नियंत्रित करने के देशी, घरेलू व एलोपैथिक उपाय। सामान्य व्यक्ति में शुगर का स्तर व उसका नियमन। शुगर का नार्मल रेंज क्या है। वह कौन सी जैविक क्रियाएं है जो भूखे रहने पर शुगर लेबल का नियंत्रण करती हैं। खाना खाने के बाद यह नियमत कैसे होता है।

मेडिकल कालेज में दो हफ्ते से इसकी तैयारी चल रही है। मेडिसिन विभाग के सभी चिकित्सक व मेडिकल छात्र इसमें लगे हुए हैं।

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पंद्रह स्कूलों के छात्र भी आमंत्रित

आम लोगों, चिकित्सकों के साथ ही इस आयोजन में महानगर के पंद्रह स्कूलों के इंटर के छात्र-छात्राओं को मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. केपी कुशवाहा की तरफ से आमंत्रण भेजा गया है। यह बच्चे मेडिकल छात्रों से मधुमेह व सवाल करेंगे मधुमेह के हर आयाम के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इसका मकसद है कि कम उम्र में ही यह छात्र-छात्राएं मधुमेह को जानें। इससे भविष्य में बीमारी से बचाव व नियंत्रण में मदद मिलेगी।

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मधुमेह जीवनशैली जनित बीमारी है। इससे बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है।

डा. केपी कुशवाहा, प्राचार्य

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