संसू, गोंडा : 22 कालेजों में दो पालियों में हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा में 17 हजार 932 ने हिस्सा लिया। परीक्षार्थियों को सबसे ज्यादा गणित के सवालों ने परेशान किया। पूछे गए सवाल काफी कठिन थे। ऐसे में उसे हल करने में परीक्षार्थियों को माथा पच्ची करनी पड़ी। हालांकि हिदी व अन्य विषयों के सवालों से उन्हें राहत मिली।

अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए प्रथम पाली में 22 कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। 12 हजार 507 का पंजीकरण था। इसमें 11 हजार 201 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 1306 अनुपस्थित रहे। इसी तरह से द्वितीय पाली में 13 केंद्रों पर 7670 में 6731 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 939 अनुपस्थित रहे। कुल 20 हजार 177 में 17932 ने परीक्षा दी। 2245 अनुपस्थित रहे। शांतिपूर्ण ढंग से नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किया था। जोनल, सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ ही अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने भ्रमण करके परीक्षा का जायजा लिया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से नियमानुसार परीक्षा कराई गई। कहीं कोई नकलची नहीं मिला है। इटियाथोक में जनता इंटर कालेज में भी शांतिपूर्ण परीक्षा हुई।

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अभ्यर्थियों को हुई परेशानी

- कई अभ्यर्थियों को मूल प्रमाण पत्र न होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। कुछ अभ्यर्थी परीक्षा न दे पाने पर रोते दिखाई पड़े। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पहले प्रवेश की शर्त के कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके। कुछ मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र के अभाव में परीक्षा से वंचित रह गए। अभ्यर्थियों ने मनमानी का आरोप लगाया।

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जाम ने बढ़ाई मुश्किल

- दोपहर साढ़े 12 बजे परीक्षा छूटने के बाद नगर में जाम लग गया। एलबीएस के साथ ही गुरुनानक चौक समेत अन्य प्रमुख चौराहों पर लोग घंटों जाम में फंसे रहे। चाय-पानी की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। पुलिस ने किसी तरह से जाम हटवाया। सड़क किनारे खड़े वाहन से दिक्कत हुई। रोडवेज पर भी परीक्षार्थियों की भीड़ रही।

Edited By: Jagran