गोंडा : बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाएं। यदि कहीं चोरी हो रही है तो, उसके लिए टेक्निशियन ग्रेड टू (टीजी टू) को उत्तरदायी माना जाए। उनसे लिखित में प्रमाण पत्र लें कि उनके क्षेत्र में चोरी नहीं हो रही है। शत प्रतिशत उपभोक्ताओं को रीडिग आधारित बिजली बिल दें। उपखंड कार्यालयों पर बड़े बकायेदारों की सूची चस्पा कराएं तथा उनसे वसूली कराएं। उक्त आदेश गत शुक्रवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सीपी गंगवार ने एमडी कैंप कार्यालय में बैठक करते हुए अभियंताओं को दिए।

एमडी ने कहा कि बिलिग को लेकर सतर्कता बरतें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। एक्सईएन की जिम्मेदारी है कि वह सभी उपभोक्ताओं को बिल भेजवाएं। यदि किसी की बिलिग नहीं हो पाई तो स्थिति स्पष्ट करें कि ऐसा क्यों हुआ ? उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर खराब मीटर बदलवाएं। बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। चेतावनी देते हुए कि यह गंभीर है। चोरी करने वाले के साथ ही विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करें। 30 बड़े बकायेदारों की कार्यालय पर चस्पा कराने के निर्देश दिए। 31 जनवरी तक हर डिवीजन को दस बिजली चोरी के मामले का खुलासा करने के आदेश दिए। कहा कि इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य अभियंता को समीक्षा करते हुए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। मुख्य अभियंता सत्येंद्र कुमार सक्सेना, अधीक्षण अभियंता राम स्वरूप, एक्सईएन बांके लाल, एसडीओ सुरेंद्र कुमार, राघवेंद्र साहू, अनूप श्रीवास्तव मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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