गोंडा : खतरे के निशान से एक मीटर आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा ने अब तांडव मचाना शुरू कर दिया है। छह लोगों के आशियाने नदी में समा गए। भिखारीपुर-सकरौर तटबंध में कटान शुरू हो गई है। रविवार को तटबंध का दो मीटर हिस्सा नदी में समा गया। हालांकि बाढ़ कार्यखंड के अभियंता मौके पर जुटे हुए हैं।

उमरीबेगमगंज : घाघरा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद भिखारीपुर सकरौरा तटबंध पर आई आफत टलने का नाम नहीं ले रही। बांध पर दरार पड़ गई है और उसका लगभग एक मीटर हिस्सा नदी में समा गया। वहीं ऐलीपरसौली, गढ़ी, जबरनगर, परास सहित आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गांव के सुरजीत सिंह ने बताया कि देशराज यादव का प्रधानमंत्री आवास, विध्या यादव, लैलू निषाद, कुटकुर, लालदेव, मंगल का घर नदी में समा गया। सहायक अभियंता बाढ़ कार्य खंड प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि कटान शुरू हुई थी लेकिन, डैमेज कंट्रोल कर लिया गया है। एसडीएम तरबगंज राजेश कुमार ने बताया कि पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। विस्थापितों को चिन्हित किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 20 नावें लगाई गई हैं। संतुष्ट नहीं हैं ग्रामीण

सैकड़ों परिवार मवेशियों के साथ पलायन कर गए हैं। यहां बचाव कार्य कराया जा रहा है लेकिन, इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। तटबंध में दरार पड़ते ही लोग अपनी गृहस्थी को समेटने में जुट गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। पीड़ितों को नाव के सहारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। ऐलीपरसौली के 35 मजरे पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। लिया जायजा

भंभुआ : एल्गिन-चरसड़ी तटबंध से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। घाघरा नदी लाल निशान से एक मीटर 8 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि 311257 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज हो रहा है। नकहरा के 9 मजरे जलमग्न हैं। ग्रामीणों के पास रहने, खाने के साथ ही पशुओं के लिए चारे का इंतजाम नहीं है। गोंडा व बाराबंकी जिले की सीमा पर बसी ग्राम पंचायत कमियार, माझा रायपुर, परसावल, नैपुरा भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। एसडीएम ज्ञानचंद गुप्त ने बताया कि ग्रामीणों को सुविधा मुहैया कराने का प्रयास चल रहा है। एडीएम राकेश सिंह ने भ्रमण करके जायजा लिया है।

Posted By: Jagran

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