गोंडा, संवाद सूत्र। यहां तो आशनाई व राज छिपाने के चक्कर में अपने ही जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। एक वर्ष में आठ से अधिक हत्या आशनाई व राज खुलने के भय से की जा चुकी है। पुलिस जांच में पाया गया कि आशनाई के चक्कर में फंसकर भाई, बहन, भांजा, भतीजा व पति की हत्या की जा चुकी है। इसे बदलते वक्त व समाज का दस्तूर माना जाए या कुछ और...। हो कुछ भी यहां लोग अपनों को ही मौत के घाट उतार रहे हैं। पुलिस व विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाएं इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाने का दावा तो करते हैं लेकिन, इसका कोई असर नहीं दिख रहा।

केस एक : बीते दस नवंबर को धानेपुर के सुनील कुमार का शव बाग में पाया गया था। उसकी गला दबाकर कर हत्या की गई थी। पुलिस की जांच में राजफाश हुआ कि उसका एक महिला से आशनाई चल रहा था। प्रेम प्रसंग की बात सार्वजनिक होने के भय से महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर प्रेमी सुनील की हत्या कर दी।

केस दो : करीब 15 दिन पूर्व कटरा बाजार के एक गांव में भाई ने अपनी बहन की गला काट कर हत्या कर दी। युवती की मां ने अपनी बेटी को गांव के युवक के साथ अपने ही घर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। मान-सम्मान व समाज में इज्जत जाने का भय सताने लगा। आक्रोश में आकर उसने बहन की हत्या ही कर दी।

केस तीन : अगस्त में धानेपुर गांव की रहने किशोरी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एकलौते भाई की गला दबाकर हत्या कर दी। भाई ने अपनी बहन को उसके प्रेमी के साथ घर में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसका राजफाश न हो इसी के डर से बहन ने प्रेमी संग मिल भाई की हत्या कर दी।

बीते वर्ष परसपुर के एक गांव के रहने वाले चाचा ने अपने भतीजे की हत्या कर दी थी। भतीजे ने चाचा को एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। परसपुर में ही एक गांव में पिता ने बेटी को एक युवक के साथ पकड़ लिया था। इसमें भी पिता ने बेटी की हत्या कर शव को लटका दिया था। तरबगंज में भी महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी।

दोषियों पर होती है कार्रवाई : पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने कहा कि साक्ष्य के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है। कई घटनाओं में मृतक के घर वाले ही आरोपित पाए गए।

Edited By: Vrinda Srivastava

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