गोंडा : केस एक : शहर निवासी बब्लू श्रीवास्तव ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय पर लगे शिविर से एलईडी बल्ब खरीदा था। दो वर्ष की गारंटी दी गई थी लेकिन, बल्ब दो महीने में खराब हो गए। अब वह उसे वापस करने के लिए भटक रहे हैं। विभाग के परिसर में कैंप था, इसलिए शिकायत की है। बावजूद इसके कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

केस दो : कर्नलगंल के मुकुल तिवारी ने बिजली बचत करने उद्देश्य से पांच एलईडी बल्ब खरीदा था। गारंटी की बात कही गई थी लेकिन, अब विक्रेता का पता नहीं लग रहा है। ऐसे में बल्ब किसे वापस करें। ये चंद नाम बानगीभर हैं। विद्युत वितरण खंड, उपखंड अधिकारी कार्यालयों, बिजली उपकेंद्रों पर लगाए गए शिविरों से बल्ब खरीदने वाले अधिकतर उपभोक्ता भटक रहे हैं। यहां शहर में ही सैकड़ों लोगों ने सस्ते दर पर इसकी खरीद की थी। दो वर्ष जलने की गारंटी दी गई थी लेकिन, बल्ब दो-दो महीने में ही खराब हो रहे हैं।

संस्था से कोई लेना देना नहीं

अधिशासी अभियंता अशोक यादव का कहना है कि एलईडी बल्ब की बिक्री हुई थी। एक संस्था इसे बेच रही थी लेकिन, विभाग का उससे कोई लेना देना नहीं था।

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