गोंडा : दैनिक जीवन शैली में हो रहे बदलाव का असर अब आम आदमी पर पड़ रहा है, जिसके चलते वह तनाव के दौर से गुजर रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो चार माह में जिले में डायबिटीज के कुल 613 मरीज सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 1039 मरीज सिर्फ हाइपर टेंशन के ही निकल कर आए हैं। 271 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें तनाव व डायबिटीज दोनों है। 13 मरीज स्ट्रोक के शिकार है। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग अब इन मरीजों को जागरूक करने की तैयारी कर रहा है।

जिला अस्पताल में स्थित एनसीडी क्लीनिक में अप्रैल से जुलाई माह के बीच कुल 4468 मरीज आए। इसमें से 2208 पुरुष व 2260 महिलाएं शामिल हैं। इसमें से 546 पुरुष व 493 महिला मरीज हाइपरटेंशन के मरीज हैं। इसके अलावा 158 पुरुष व 113 महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें डायबिटीज व हाइपरटेंशन दोनों की दिक्कत है। साथ ही 613 मरीज ऐसे हैं, जो डायबिटीज के शिकार है। नोडल अधिकारी डॉ. गयासुल हसन का कहना है कि मरीजों की जांच करके उन्हें समुचित सलाह दी जा रही है। साथ ही स्कूलों व अन्य जगहों पर कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

बरतें सावधानी

- एनसीडी सेल की काउंसलर सरिता तिवारी का कहना है कि जागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अकेलेपन के कारण लोग जल्द ही तनाव की गिरफ्त में आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए। उसमें सुधार करना चाहिए। साथ ही पॉजीटिव सोच के साथ काम करना चाहिए, जिससे परिस्थितियों को अनुकूल बनाया जा सके।

बीमारी के लक्षण

- तेज सिर दर्द, थकावट रहना, घबराहट होना, चक्कर आना, तेज पसीना आना।

बचाव के लिए क्या करें

- नियमित व्यायाम करें।

- सुबह शाम टहलने की आदत डालें।

- वजन पर नियंत्रण रखें।

- नकारात्मक सोचना व तनाव से बचें।

- पौष्टिक व संतुलित आहार लें।

- नियमित समय पर रक्तचाप की जांच कराते रहें।

- समय- समय पर चिकित्सक की सलाह लेते रहें।

Posted By: Jagran