गोंडा में बारिश ने धीमी की कुम्हारों के चाक की रफ्तार, दिवाली की कमाई पर भी संकट
बेमौसम बारिश ने गोंडा के कर्नलगंज में दीये बनाने वाले कुम्हारों के काम को प्रभावित किया है, जिससे दिवाली की ...और पढ़ें
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HighLights
बेमौसम बारिश से दीये बनाने का काम प्रभावित।
मिट्टी की कमी और जगह की समस्या से जूझ रहे कारीगर।
दिवाली पर साढ़े पांच लाख की कमाई पर संकट।
संवाद सूत्र, कर्नलगंज (गोंडा)। दिवाली में महज 10 दिन शेष हैं, लेकिन बेमौसम बारिश ने दीये बनाने और सुखाने का काम प्रभावित किया है। पजावा में करीब 160 घरों के लगभग 500 लोग पिछले तीन महीनों से दीये और मिट्टी के बर्तन बनाने में जुटे हैं। जगह की कमी से अधिकतर कारीगर छतों पर दीये बनाते और सुखाते हैं। कारीगरों के अनुसार, 35 से अधिक इलेक्ट्रानिक और बाकी पारंपरिक चाक चल रहे हैं।
एक परिवार रोजाना डेढ़ हजार से अधिक दीये बनाता है। थोक में 500 रुपये प्रति हजार और फुटकर में 100 रुपये के 80 दीये बिकते हैं। पूरे पजावा को दीपावली पर साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक की कमाई की उम्मीद है। मिट्टी की कमी भी बड़ी समस्या है। कारीगर 1700 रुपये प्रति ट्राली देकर मिट्टी जुटा रहे हैं।
कालीप्रसाद, बदलू और विजय कुमार का कहना है कि जमीन के पट्टे की मांग पर प्रशासन उन्हें जमीन तलाशने को कहता है, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उनका कहना है कि सस्ती मिट्टी और प्रशिक्षण से राहत मिल सकती है।