करवा चौथ बाजार: छत्तीसगढ़ के चिवरे और गोरखपुर की लइया की मांग, बाराबंकी का नया चावल भी बना लोगों की पसंद
गोंडा के बाजारों में करवा चौथ के लिए पूजन सामग्री और खानपान की वस्तुओं की जोरदार बिक्री हो रही है।

चौक के ठठेरी बाजार में करवा के लिए थाली,चलनी व लोटे का सेट खरीदती महिलाएं। जागरण
HighLights
करवा चौथ के लिए गोंडा बाजार में रौनक।
छत्तीसगढ़ के चिवरे और गोरखपुर की लइया की बिक्री।
दिल्ली की पूजा थालियां और रामनगर का नया चावल।
जागरण संवाददाता, गोंडा। करवा चौथ व्रत के लिए बाजार में पूजन सामग्री और खानपान की कई चीजें सज गई हैं। छत्तीसगढ़ का चिवरा, सुलतानपुर और गोरखपुर की लइया, दिल्ली के चांदनी चौक की पूजा थाली, देशी गट्टा-बताशा और रामनगर का नए चावल की खरीदारी जोर-शोर से हो रही है।
महाराजगंज, गोला बाजार और चौक बाजार समेत कई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुट रही है। छत्तीसगढ़ का मोटा देशी चिवरा 50 रुपये, मीडियम टाइगर 60 रुपये, पत्ती नंबर एक 65 रुपये, पत्ती नंबर दो 70 रुपये और सुपर पत्ती चिवरा 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है।
सुलतानपुर की लइया 70 रुपये और गोरखपुर की लइया 75 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम है। गोंडा का देशी गट्टा और बताशा 120 रुपये किलो, जबकि रामनगर का नया देशी चावल 35 रुपये किलो बिक रहा है।
महाराजगंज चौराहे के दुकानदार राधा गुप्ता, अनमोल गुप्ता और उमाशंकर ने बताया कि विभिन्न स्थानों से मंगाया गया सामान नया, ताजा और स्वादिष्ट है। चौक बाजार में पूजा थाली बेच रहे शिवकुमार के मुताबिक, दिल्ली के चांदनी चौक से लाई गई थालियां एक हफ्ते पहले आई थीं और तीन दिन से बिक रही हैं।
सजावटी रंगीन थाली और लोटे वाले सेट 150 से 200 रुपये तक के हैं। दुकानदार अमित कसौंधन ने बताया कि बाजार में चूरा, लइया के साथ गट्टा बताशा गतवर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मांग अधिक है। 29 को करवा चौध पड़ रहा है, लेकिन बाजार में खरीदारी जोरों पर है। नया चावल भी खूब बिक रहा है। इस बार इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को उम्मीद से ज्यादा बिक्री होने की उम्मीद है।
