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गोंडा में जांच में अब नहीं चलेगी मनमानी, बिजली चोरी पर रहेगी कैमरे की नजर

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:01 PM (IST)

गोंडा में बिजली चोरी की जांच को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विजिलेंस टीमों को बॉडी वार्न कैमरों से लैस किया जा रहा है।।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. बिजली चोरी जांच में पारदर्शिता के लिए बॉडी वार्न कैमरे।

  2. विजिलेंस टीमों की हर गतिविधि कैमरे में होगी रिकॉर्ड।

  3. मुख्यालय से सीधे जांच प्रक्रिया की निगरानी संभव होगी।

संवाद सूत्र, गोंडा। बिजली चोरी की जांच और कार्रवाई को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विवाद रहित बनाने के लिए देवीपाटन मंडल में नई हाईटेक व्यवस्था लागू की जा रही है। अब बिजली चोरी की जांच करने पहुंचने वाली विजिलेंस और विभागीय जांच टीमों की हर गतिविधि कैमरे में कैद होगी।

मुख्य अभियंता बिजली के निर्देश पर जांच टीमों को बॉडी वार्न कैमरों से लैस किया जा रहा है। इससे जांच के दौरान होने वाली कार्रवाई की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जा सकेगी।

बॉडी वार्न कैमरे जांच करने वाले कर्मचारी के सीने या कंधे पर लगाए जाएंगे। इनमें हाई डेफिनेशन वीडियो के साथ ऑडियो रिकार्डिंग की सुविधा भी होगी। जांच टीम जब किसी उपभोक्ता के परिसर में पहुंचेगी तो वहां की कार्रवाई कैमरे में रिकॉर्ड होगी।

इंटरनेट नेटवर्क के माध्यम से कैमरे से प्राप्त डेटा मुख्यालय तक पहुंचाया जाएगा। इससे अधिकारी जरूरत के अनुसार जांच की पूरी प्रक्रिया की निगरानी और रिकॉर्डिंग की समीक्षा कर सकेंगे।

देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में 114 उपकेंद्रों से करीब सवा 14 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। विभाग ने अभी 14 बॉडी वार्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। इनका इस्तेमाल बिजली चोरी की जांच, छापेमारी और अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई के दौरान किया जाएगा।

विभाग का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और मौके पर होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। बिजली चोरी की जांच के दौरान कई बार उपभोक्ता और जांच टीम के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन जाती है।

उपभोक्ता कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हैं तो विभागीय टीमों पर भी मनमानी या गलत तरीके से जांच करने के आरोप लगते रहे हैं। अब मौके की पूरी कार्रवाई रिकॉर्ड होने से ऐसी शिकायतों की वास्तविकता की जांच करना आसान होगा।

मुख्य अभियंता बिजली यदुनाथ यथार्थ का कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ बिजली चोरी रोकने और बकाया बिजली वसूली के लिए विभिन्न तरह केहर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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