गोंडा में आंगनबाड़ी में सजेगा बचपन, टाट-पट्टी नहीं अब फर्नीचर पर होगी पढ़ाई
गोंडा में अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को टाट-पट्टी पर नहीं, बल्कि फर्नीचर पर बैठकर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
गोंडा के 619 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प।
बच्चों को अब जमीन की बजाय फर्नीचर पर मिलेगी शिक्षा।
1.54 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित, बेहतर माहौल।
संवाद सूत्र, गोंडा। कहीं नौनिहालों की पहली पाठशाला को आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाएंगे, तो कहीं प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे आज भी जमीन पर चटाई और टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ने को मजबूर हैं। जिले में बचपन को संवारने की इस कवायद के तहत अब आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलने की तैयारी है। यहां बच्चों को जमीन के बजाय सुविधाजनक फर्नीचर पर बैठकर सीखने का अवसर मिलेगा।
जिले के 619 आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल अनुकूल बनाने के लिए 1.54 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। प्रत्येक केंद्र पर 25 हजार रुपये खर्च कर चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नौनिहालों को बेहतर माहौल देना और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है।
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के जीवन में सीखने और समझने की पहली सीढ़ी माने जाते हैं। यहां पोषण संबंधी सुविधाओं के साथ प्रारंभिक शिक्षा की नींव भी रखी जाती है। ऐसे में बच्चों की उम्र और जरूरतों के अनुरूप बैठने की व्यवस्था होने से उनके लिए सीखने का माहौल अधिक सहज और आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी।
फर्नीचर की व्यवस्था से केंद्रों को बाल अनुकूल बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों पर चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर आपूर्ति के लिए बजट का आवंटन हुआ है। जल्द ही आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
