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दुर्घटना में बचाई जा सकेगी जान, गोंडा में एनसीसी कैडेटों को दिया जा रहा 'गोल्डन आवर' में प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण

Published: Fri, 16 Oct 2026 03:28 PM (IST)

विश्व आघात दिवस पर गोंडा में एनसीसी कैडेट्स को दुर्घटनाओं से निपटने और प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया जा ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

संवाद सूत्र, गोंडा। प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को विश्व आघात दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं और आघात (चोट) के कारण होने वाली मौतों और विकलांगता के प्रति लोगों को जागरूक करना। साथ ही भीर चोट या दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन आवर (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) के दौरान तुरंत और सही चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के महत्व को समझाना है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, कार्यस्थल पर सुरक्षा बरतने और संभावित दुर्घटनाओं को कम करने के उपाय अपनाने को लेकर नागरिकों को जागरूक करना है।

हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक होते हैं। समय पर मिली प्राथमिक सहायता घायल के लिए जीवनदान साबित हो सकती है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) जिले के करीब तीन हजार छात्र-छात्राओं को आघात से निपटने का प्रशिक्षण दे रही है। जिले के 33 विद्यालयों में संचालित इस पहल का मकसद युवाओं को दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करने के साथ संकट की घड़ी में मदद के लिए तैयार करना है।

सड़क दुर्घटना, गिरने, जलने या अन्य हादसों में समय पर मदद न मिलने से घायल की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में शुरुआती सावधानी और उचित प्राथमिक सहायता महत्वपूर्ण होती है। एनसीसी के माध्यम से विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों के प्रति सजग बनाने और जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशिक्षित युवा हादसे के समय घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेकर दूसरों के लिए मददगार बन सकते हैं।

एलबीएस डिग्री कालेज, शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कालेज, श्री गांधी विद्यालय इंटर कालेज रेलवे कालोनी, पीएम-श्री राजकीय इंटर कालेज समेत जिले के 33 विद्यालयों में एनसीसी संचालित है। यहां जूनियर और सीनियर डिवीजन के करीब तीन हजार कैडेटों को आघात से निपटने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। प्रधानाचार्य मेजर डा. राजेश द्विवेदी, एलबीएस डिग्री कालेज के एनसीसी प्रभारी डा. अमित कुमार शुक्ल ने कहा कि हादसे की घड़ी में सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जिंदगी बचाने की उम्मीद बन सकता है। एनसीसी की यह मुहिम युवाओं को इसी जिम्मेदारी के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।