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गोंडा के 25 माध्यमिक विद्यालयों में बनेंगी वोकेशनल लैब, पढ़ाई के साथ रोजगार के गुर सीखेंगे छात्र

Published: Tue, 13 Oct 2026 05:05 PM (IST)

गोंडा के 25 माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वोकेशनल लैब स्थापित होंगी। इससे छात्र किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल सीखकर रोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. 25 माध्यमिक विद्यालयों में वोकेशनल लैब बनेंगी।

  2. छात्रों को व्यावहारिक कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कौशल विकास पर जोर।

संवाद सूत्र, गोंडा। अब माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई का दायरा केवल किताबों, कक्षाओं और परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। यहां छात्र-छात्राएं विषयों को समझने के साथ अपने हाथों से काम करना और हुनर को रोजगार में बदलना भी सीखेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले के 25 माध्यमिक विद्यालयों में वोकेशनल लैब स्थापित करने की तैयारी है। इनमें नौ राजकीय और 16 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालय शामिल हैं।

शासन ने इन लैब की स्थापना के लिए 1.25 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। प्रत्येक चयनित विद्यालय को पांच लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। चयनित प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाने हैँ। बदलते दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी है। वोकेशनल लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

यहां वे संबंधित ट्रेड की बारीकियां समझने के साथ काम करने का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। वोकेशनल लैब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही कामकाजी दक्षता से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षा पूरी करने के बाद उपलब्ध अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

जिला विद्यालय निरीक्षक डा. रामचंद्र ने कहा कि प्रथम चरण में जिले के 25 चयनित माध्यमिक विद्यालयों में वोकेशनल लैब स्थापित की गईं हैं। प्रत्येक विद्यालय में दो ट्रेड संचालित करने की व्यवस्था है। इससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे आगे की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार के विभिन्न विकल्पों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

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