यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डाक्टर साहब वीआइपी ड्यूटी पर हैं, जाइए दूसरे को दिखाइए
गोंडा मुख्यमंत्री के भ्रमण में स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने से हुई परेशानी रिपोर्ट के लिए भी करना पड़ा इंतजार।

संसू, गोंडा: मनकापुर के उमाशंकर अपने बेटे को फिजीशियन डा. एके त्रिपाठी को दिखाने के लिए आए थे। सुबह साढ़े दस बजे से वह डाक्टर के बैठने का इंतजार कर रहे थे। कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि डाक्टर की वीआइपी ड्यूटी है। ऐसे में दूसरे डाक्टर को दिखाना पड़ा। उनकी समस्या यह थी कि पहले उन्होंने जिस डाक्टर को दिखाया था, उसकी दवा से आराम था। उसे बीमारी की पूरी जानकारी थी, अब नए डाक्टर समझ पाएंगे या नहीं..?
यही हाल, तरबगंज के राम मोहन के सामने थी। वह प्लास्टर कटवाने आए थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. अरुण मिश्र वीआइपी ड्यूटी पर थे। दूसरे डाक्टर बैठे थे, लेकिन वह बिना दिखाए ही वापस हो गए। चिकित्सकों की वीआइपी ड्यूटी लगाए जाने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. घनश्याम सिंह का कहना है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए अलग से चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। वह खुद भ्रमण करके व्यवस्था देख रहे थे। --------
इमरजेंसी के सामने घूम रहे मवेशी बने मुसीबत का सबब
- जिला अस्पताल की इमरजेंसी के सामने बेसहारा मवेशियों के घूमने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदारों का कहना है कि इसको लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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यह भी दिक्कत सामने आई
- 27 अक्टूबर को जब मुख्यमंत्री आए थे। उस दौरान अफसरों को डर था कि कहीं वह जिला अस्पताल का भ्रमण न कर लें, इसलिए दंतरोग विभाग के सामने से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक की सड़क बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने गिट्टी डाल दी थी। यहां पर सड़क बनाई जानी थी। बाद में जब पता चला कि मुख्यमंत्री जिला अस्पताल नहीं आएंगे तो गिट्टी छोड़कर संबंधित विभाग के लोग गायब हो गए। अब गिट्टी में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं।
