गोंडा : गरीबों के लिए चलाए जा रहे लाभार्थीपरक कार्यक्रमों से 1.19 लाख पात्र व्यक्ति वंचित हैं, ये खुलासा गांवों में सर्वेक्षण के दौरान हुआ है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अलावा राशनकार्ड से गरीब सबसे ज्यादा वंचित पाए गए हैं। अफसरों ने सर्वे रिपोर्ट ग्राम्य विकास आयुक्त को भेजी है।

गरीबों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही उनके सामाजिक उत्थान के लिए सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। बेघर के लिए घर हो या फिर निराश्रित के लिए पेंशन। दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहे गरीबों के लिए राशन की भी व्यवस्था है। इन सबके बावजूद सरकार को काफी संख्या में पात्रों के वंचित होने की जानकारी मिली थी, लेकिन आधिकारिक आंकड़े न होने से कोई निर्णय नहीं हो पा रहा था। गत जुलाई माह में सरकार ने लाभार्थीपरक आठ कार्यक्रमों के तहत गांवों में पात्रों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। इसके लिए गांववार कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने के साथ ही गड़बड़ियों को रोकने के लिए ब्लॉक स्तर पर नोडल अफसर नामित किए गए थे। गांववार कराए गए सर्वे के दौरान निराश्रित महिला, किसान व वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास, प्रधानमंत्री शहरी आवास, पात्र गृहस्थी कार्ड व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 119819 लोग पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित पाए गए हैं। अंत्योदय कार्ड योजना के तहत कोई गरीब पात्र नहीं मिल सका।

किस योजना में कितने गरीब लाभ से वंचित

योजना का नाम संख्या निराश्रित

महिला पेंशन 1168

वृद्धावस्था पेंशन 6417

दिव्यांग जन पेंशन 521

पात्र गृहस्थी कार्ड 12256

मुख्यमंत्री आवास 90785

प्रधानमंत्री आवास शहरी 450 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 8223

लाभार्थीपरक कार्यक्रमों की सर्वेक्षण रिपोर्ट ग्राम्य विकास आयुक्त को भेजी गयी है। सबसे ज्यादा गरीब मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पाए गए हैं। पात्रों की सूची भी विभागीय वेबसाइट पर फीड कराने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।

-अशोक कुमार, सीडीओ गोंडा।

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